विश्व मजदूर दिवस:-1 मई को मनाया जाने वाला मजदूर दिवस वैश्विक स्तर पर ना सिर्फ एक उत्सव है बल्कि यह दिवस मजदूरों की एकता व उनके संगठन की सफल कहानी को भी बयां करता चला आ रहा है।
अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस की शुरुआत उन मजदूरों के एक आंदोलन से हुईजो 15 घंटे तक काम किया करते थे मजदूरों की मांग थी कि कान की अवधि 8 घंटे और सप्ताह में 1 दिन का अवकाश हो इसी मांग को लेकर शिकागो में मजदूर सड़कों पर उतर आए थे इस आंदोलन के दौरान अचानक एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा भीड़ पर बम फेंका गया और फिर पुलिस ने आंदोलनकारियों पर गोली चलाना शुरु कर दिया, जिससे पूछ प्रदर्शनकारी घायल हो गए और कुछ ही जान भी चली गई।
18 89 में पेरिस की अंतरराष्ट्रीय समाजवादी सम्मेलन की एक बैठक में प्रस्ताव पारित किया गया था और ऐलान भी किया गया कि 1 मई को अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के रूप में मनाया जाएगा और इस दिन भी सभी मजदूरों कामगारों और श्रमिकों का अवकाश रहेगा तभी से भारत सहित दुनिया के तमाम देशों में निर्धारित 8 घंटे काम करने की शुरुआत हुई प्रत्येक वर्ष 1 मई को कामगार अपने हक की बात करते हैं और संबंधित अथॉरिटी से अपने अधिकारों की मांग करते हैं।भारत में मजदूर दिवस की शुरुआत चेन्नई में 1 मई 1923 को हुई,लेबर किसान पार्टी ऑफ हिंदुस्तान के नेता सिंगारेवेलु चेटिटयार ने मद्रास में इसकी शुरुआत की।यही वह मौका था जब आजादी के पहले लाल झंडे का उपयोग किया गया भारत में लेबर डे को अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस, मई दिवस कामगार दिवस, इंटरनेशनल वर्कर्स डे या वर्कर डे भी कहा जाता है।1 मई को ही महाराष्ट्र गुजरात का स्थापना दिवस भी मनाया जाता है।

संयुक्त राज्य व्यापार प्रतिनिधि United State Trade Representative(USTR)ने वार्षिक रिपोर्ट जारी कर दिया है।नहीं ताजा रिपोर्ट में कुल 36 देशों को निगरानी सूची में शामिल किया गया है स्पेशल 301 रिपोर्ट 1974 के व्यापार अधिनियम की धारा- 301 के तहत संयुक्त राज्य अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर)कार्यालय द्वारा प्रतिवर्ष प्रकाशित किया जाता है।अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार अमेरिका, किसी भी देश की जांच की अनुमति प्रदान करता है इस रिपोर्ट में अमेरिका द्वारा अमेरिकी व्यापारिक भागीदारों का बौद्धिक संपदा की रक्षा और प्रवर्तन संबंधित ट्रैक रिकॉर्ड का अनुमान लगाया जाता है।जांच में दोषी पाए जाने वाले देश पर व्यापार प्रतिकर की कार्यवाही की जा सकती है। USTRके अनुसार भारत को बौद्धिक संपदा अधिकारों के उल्लंघन के लिए इस रिपोर्ट की प्राथमिक निगरानी सूची में शामिल किया गया है भारत के साथ चीन इंडोनेशिया रूस सऊदी अरब व वेनेजुएला जैसे 11 देशों को शामिल किया गया है जबकि तुर्की व पाकिस्तान सहित 25 देशों को निगरानी सूची में रखा गया है रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि बौद्धिक संपदा (IP)के प्रावधानों को लागू करने में भारत ने बीते वर्ष कुछ प्रगति हुई है लेकिन पहले से चल रही चुनौतियों से भारत उभर नहीं पाया है। साथ ही कुछ नहीं चुनौतियां भी सामने उभर कर आई है। विश्व व्यापार संगठन के अनुसार बौद्धिक संपदा अधिकार एक निजी अधिकार है जो किसी देश की सीमा के भीतर किसी व्यक्ति को औद्योगिक वैज्ञानिक साहित्य व कला आदि के क्षेत्र में अपने मस्तिष्क से की गई रचना के लिए दिया जाता है। यह यह अधिकार एक ऐसी प्रेरणा है जो व्यक्ति को कुछ नया करने के लिए प्रोत्साहित करती है जानकारी के अनुसार कॉपीराइट,ट्रेडमार्क, पेटेंट,इंडस्ट्रियल डिजाइन,ट्रेड सीक्रेट भौगोलिक संकेतन जैसे अधिकारों को बौद्धिक संपदा अधिकार के अंतर्गत शामिल किया जाता है।
संयुक्त राज्य व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (USTR):-संयुक्त राज्य अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय यूएसटीआर संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति को संयुक्त राज्य व्यापार नीति के विकास और अनुशंसा के लिए जिम्मेदार संयुक्त राज्य सरकार की एजेंसी है जो द्विपक्षीय और बहुपक्षीय स्तर पर व्यापार का बारे में संचालन करती है और सरकार के भीतर व्यापार नीति समन्वय अंतर राज्य व्यापार नीति कर्मचारी समिति और व्यापार नीति समीक्षा की पीजीआर जी के माध्यम से।1962 के व्यापार विस्तार अधिनियम के तहत विशेष व्यापार प्रतिनिधि के कार्यालय के रूप में स्थापित हुई है यूएसटीआर राष्ट्रपति के कार्यकारी कार्यालय का हिस्सा है जो 200 से अधिक कर्मचारियों के साथ यूएसटीआर के पास जिनेवा स्विट्जरलैंड और ब्रुसेल्स बेल्जियम में कार्यालय है वर्तमान में अमेरिका व्यापार प्रतिनिधि राजदूत राबर्ट ई लाइटथाइजर है।