भारत और जापान दोनों देशों के सशस्त्र बल समझौता(National current affairs)

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भारत और जापान दोनों देशों के सशस्त्र बलों के बीच साजोसामान सहयोग को लेकर एक ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किए और यह समझौते के बाद यह दोनों देश के बीच होने वाला पहला सैन्य अभ्यास होगा। द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास जेआईएमईएक्स का चौथा संस्करण 26 से 28 सितंबर 2020 के दौरान उत्तरी अरब सागर में आयोजित किया जाएगा। यह अभ्यास भारतीय नौसेना और जापान समुद्री आत्मरक्षा बल(जेएमएसडीएफ) के मध्य दिवार्षिक रूप से आयोजित किए जाते हैं। इस अभ्यास में सुरक्षा सहयोग पर विशेष ध्यान दी जाती हैं, इसकी श्रृंखला का शुभारंभ जनवरी 2012 में किया गया था और इसका पिछला संस्करण अक्टूबर 2018 में भारत के विशाखापट्टनम तट पर आयोजित किया गया था। इस युद्ध अभ्यास में हिस्सा लेने के लिए जापानी समुद्री आत्मरक्षा बल के जहाज कागा और इनाजुमा आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में पहुंचे हैं या भारतीय नौसेना के पूर्वी बेड़े के जहाजों के साथ जापान भारत सामुद्रिक अभ्यास( जेआईएमएक्स) के तीसरा संस्करण है। इस युद्ध का मुख्य उद्देश्य है दोनों बलों की अंतरसंचालन क्षमता को बढ़ाना और सर्वश्रेष्ठ परंपराओं को समझना है इस अभ्यास का उद्देश्य दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा सहयोग को बढ़ाना है।
जेआईएमईएक्स – 20 में समुद्री संचालनो के क्षेत्र में बहुआयामी उन्नत अभ्यासों के संचालन के माध्यम से उच्च स्तर के अभ्यास और सयुक्त परिचालन कौशलों का प्रदर्शन किया जाएगा इस बहुपक्षीय सामरिक अभ्यास मे हथियारों की गोलाबारी, क्रास डेक हेलीकॉप्टर संचालन, जटिल स्थलों पर अभ्यास, पनडुब्बी -रोधी और वायु युद्धक अभ्यास शामिल हैं और यह दोनों देशों की नौसेनाओं द्वारा विकसित समन्वय को और मजबूत देगा।

यह अभ्यास तीन दिनों तक संचालित किया जाएगा कोविड-19 प्रतिबंधों को देखते हुए ‘नॉन कांटेक्ट एट- सी -ओन्ली फॉर्मेट’ रूप में संचालित किया जा रहा है। जापानी समुद्री आत्म – रक्षा बल द्वारा जेएमएसडीएफ पोत कागा ,एक इजुमो श्रेणी के विध्वंसक हेलीकॉप्टर और इकाजूची और एक निर्देशित मिसाइल विध्वंसक का प्रदर्शन किया जाएगा, जिसका नेतृत्व एस्कार्ट फ्लॉटिला – 2(सीसीएफ-2) के कमांडर रीयर एडमिरल कोन्नो यासुशिगे करेंगे। पोतो के अलावा, पी81 लंबी दूरी के सामुद्रिक गश्ती विमान, इंटीग्रल हेलीकॉप्टर और लड़ाकू विमान भी अभ्यास में भाग लेंगे।जेआईएमईएक्स-20 दोनों सेनाओं के बीच सहयोग और आपसी विश्वास को और बढ़ाएगा दोनों देश के बीच लंबे समय तक मित्रता के बंधन को और मजबूती बनाएगा।
जापानी विध्वंसक युद्धपोत कागा ने दक्षिणी जापान में ओकिनावा द्वीप के पास 24 समुद्री मील के भीतर चीनी पनडुब्बी का पता लगाया, जिसके बाद हरकत में आई जापानी नौसेना ने अपने पेट्रोलिंग एयरक्राफ्ट की मदद से चीनी पनडुब्बी को अपने जल क्षेत्र से बाहर खदेड़ दिया। साल 2018 में भी जापान ने अपनी जलसीमा में एक चीनी पनडुब्बी को पकड़ा था।
इस युद्ध अभ्यास में भारतीय नौसेना घरेलू स्तर पर निर्मित तीन युद्धपोतो और एक बड़ा टैंकर के साथ हिस्सा ले रही हैं और इसमें बहुउद्देशीय टोही जहाज आईएनएस सतपुड़ा पनडुब्बीरोधी युद्धपोत आईएनएस कदमत ,मिसाइल युद्ध लड़ाकू पोत और बड़ा टैंकर आईएनएस शक्ति शामिल है ।
जीआईएमएस अट्ठारह का लक्ष्य अंतः सक्रियता को बढ़ाना और आपसी समझ को बेहतर करना तथा एक दूसरे के सर्वश्रेष्ठ प्रचलनो को अपनाना है ।
जीआईएमएस का पिछला संस्करण चेन्नई में दिसंबर 2013 में आयोजित किया गया था दोनों देशों के बीच यह दूसरा और भारतीय समुद्री सीमा में पहला अभ्यास था दोनों देशों के बीच पहला द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास जापान में जनवरी 2012 में हुआ था और यह रक्षा मंत्री एके एंटनी की नवंबर 2011 में की गई जापान यात्रा के दौरान दोनों देशों में द्विपक्षीय नौसेना अभ्यास आयोजित करने पर सहमति हुई थी। फायदा यह है कि नौसेना की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक ,”जीमेक्स” समुद्री परिचालन के क्षेत्र में उन्नत अभ्यासो मे संचालन के माध्यम से उच्च संचालन और संयुक्त परिचालन कौशल का प्रदर्शन करेगा। इसके अलावा हथियार चालन, क्रास डेक हेलीकॉप्टर। संचालन और जटिल सतह , पनडुब्बी रोधी और हवाई युद्ध अभ्यास से जुड़े बहुआयामी सामरिक अभ्यास दोनों नौसेनाओं द्वारा विकसित समन्वय को मजबूत करने में काफी मददगार साबित होंगे।


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