कोरोनावायरस कोविड-19 जैसी घातक संक्रमण के बचाव के लिए अमेरिका में वैक्सिंग तैयार करें उसे परीक्षण करना शुरू कर दिया है। कोरोनावायरस चीन के वुहान सिटी से फैलने वाली की संक्रमण पूरे विश्व में घातक सिद्ध हो गई है जिसका वैक्सीन अनेक देशों ने तैयार की पर इसका सही परीक्षण नहीं हो पाया रूस ने इसे परीक्षण कर बाजार में उपलब्ध करवाना शुरू करेगी अब अमेरिका ने भी इसका परीक्षण शुरू कर दिया है। अमेरिका के सिएटल में कैंसर परमानेंट वाशिंगटन हेल्थ रिसर्च इंस्टिट्यूट(KPWHRI) कोरोनावायरस (कोविड-19) के खिलाफ पहला वैक्सीन अमेरिका ने मानव में परीक्षण शुरू किया।
कोविड-19 के परीक्षण के लिए एक टीका बनाया गया जिसका नाम एम आर एन ए (mRNA-1273) कहा जाता है। यह टीका पशु मॉडल में उचित सफलता दिखाइ है। इसे NIAID वैज्ञानिकों और उनके सहयोगियों ने कैमि्बज,मेसाचुसेट्स में स्थित बायो टेक्नोलॉजी कंपनी(Moderna inc.द्वारा विकसित किया गया। इस वैक्सीन को सिएटल की तिरालिस वर्षीय(43) महिला पर परीक्षण किया गया। इस वैक्सीन में एक प्रकार का हानिकारक वायरस से कॉपी किया जाने वाला अनुवांशिक कोड होता है जो इस बीमारी का कारण बनता है। लेकिन यह कोविड-19 का कारण नहीं बन सकता है। यह खबर है कि 6 सप्ताह में 45 व्यक्तियों के परीक्षण में स्वास्थ्य वयस्क स्वयंसेवी को नामांकित करेगा।NIAID को एक सुरक्षा निगरानी समिति समय-समय पर परीक्षण डेटा की समीक्षा करेंगी। इस अध्ययन के प्रतिभागियों को लगभग 28 दिनों के भीतर ऊपरी बांह में इंस्ट्रामस्र्कुलर इंजेक्शन के माध्यम से टीका की दो खुराक प्राप्त होगी। इस प्रकार प्रतिभागी टीकाकरण के बीच फ्लोअप के लिए क्लीनिक लौटेंगे।

स्लोवेनिया में जे.जे. जानसा को प्रधानमंत्री चुना गया। स्लोवेनिया के सांसद में जानसा को नए प्रधानमंत्री के रूप में चुनाव गया। स्लोवेनिया, यूरोप के मध्य में स्थित आल्पस पर्वत से भूमध्य सीमा से लगा हुआ है। इस देश की राजधानी और सबसे बड़ा शहर ल्युब्ल्याना है। यहां के लोग स्लोवेनेयाई भाषा का प्रयोग करते हैं तथा जो अधिकारी भी है और हंगरी और इटालियन भाषा भी बोली जाती है।
विश्व बैंक ने 200 मिलियन डॉलर बांग्लादेश को सुरक्षित पानी और सुरक्षा सेवाओं के लिए ऋण दी है। अंतरराष्ट्रीय विकास संघ(IDA) इंटरनेशनल डेवलपमेंट एसोसिएशन विश्व बैंक के तहत एक अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थान है। यह विश्व के सबसे गरीब विकासशील देशों को रियायती ऋण और अनुदान प्रदान करता है। इसका मुख्यालय वाशिंगटन में है। इसकी स्थापना 1960 ईस्वी में की गई थी। इसका उद्देश्य ही ऋण के द्वारा मदद प्रदान करना और जिनकी सकल राष्ट्रीय आय सबसे कम हो। इसकी अपनी कुछ परियोजना की विशेषताएं हैं-विश्व बैंक ने कहा है कि इससे बीमारियों से निपटने की मदद मिलेगी। इस परियोजना के अंतर्गत जल और सुरक्षा स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाने की सुरक्षा प्रदान करेगी। कोविड-19 कोरोना महामारी से बचने में मदद दिलाएगी। और ऐसे बीमारी डायरिया तथा स्वास्थ्य सुरक्षा का पूरा सहयोग विश्व बैंक करेगी।