रामगढ़ में हुआ शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास का प्रांतीय कार्यकर्ता अभ्यास

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vinay singh jharkhandaajtak.in
शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, झारखंड प्रांत के एक दिवसीय प्रांतीय कार्यकर्ता अभ्यास वर्ग का आयोजन रविवार को राधा गोविन्द विश्वविद्यालय, रामगढ़ के सभागार में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन, पुष्पार्चन एवं सरस्वती वंदना के साथ किया गया। इस कार्यक्रम में जमशेदपुर, चाईबासा कोल्हान विश्वविद्यालय, घाटशिला से भी कार्यकर्ता सम्मिलित हुए.
उद्घाटन सत्र में राष्ट्रीय सह-सचिव डॉ. सविता सेंगर, क्षेत्रीय संयोजक डॉ. विजय कुमार सिंह, प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. पीयूष रंजन, राधा गोविंद विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. (डॉ.) रश्मि, कुलसचिव प्रो. (डॉ.) निर्मल कुमार मंडल तथा प्रांत संयोजक महेंद्र कुमार सिंह संयुक्त रूप से मंचासीन रहे। कार्यक्रम का संचालन रामगढ़ जिला संयोजक डॉ. संजय प्रसाद सिंह ने किया। सभी अतिथियों का अंगवस्त्र एवं पौधा भेंट कर सम्मान किया गया।
उद्घाटन सत्र में राष्ट्रीय सह-सचिव डॉ. सविता सेंगर, क्षेत्रीय संयोजक डॉ. विजय कुमार सिंह, प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. पीयूष रंजन, राधा गोविंद विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. (डॉ.) रश्मि, कुलसचिव प्रो. (डॉ.) निर्मल कुमार मंडल तथा प्रांत संयोजक महेंद्र कुमार सिंह संयुक्त रूप से मंचासीन रहे। कार्यक्रम का संचालन रामगढ़ जिला संयोजक डॉ. संजय प्रसाद सिंह ने किया। सभी अतिथियों का अंगवस्त्र एवं पौधा भेंट कर सम्मान किया गया।

प्रांत संयोजक महेंद्र कुमार सिंह ने अभ्यास वर्ग की प्रस्तावना प्रस्तुत करते हुए कहा कि शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास भारतीय ज्ञान परंपरा एवं आधुनिक शिक्षा के समन्वय के माध्यम से राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से शिक्षा, समाज एवं संस्कृति के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

राधा गोविंद विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. (डॉ.) रश्मि ने अपने उद्बोधन में कहा कि शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास भारतीय समाज की प्राचीन ज्ञान परंपरा और आधुनिक ज्ञान-विज्ञान के मध्य समन्वय स्थापित करने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि युवाओं में सांस्कृतिक चेतना, नैतिक मूल्यों एवं राष्ट्रभाव का विकास समय की आवश्यकता है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से नशामुक्त जीवन अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि स्वस्थ, संस्कारित एवं चरित्रवान युवा ही विकसित भारत की आधारशिला हैं।
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय सह-सचिव डॉ. सविता सेंगर ने कहा कि शिक्षा केवल रोजगार प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, राष्ट्र निर्माण और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का आधार है। उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नई शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन में शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से शिक्षा को भारतीय जीवन मूल्यों, संस्कृति और राष्ट्रीय दृष्टि से जोड़ने के लिए समर्पित भाव से कार्य करने का आह्वान किया। इस अवसर पर शिक्षा के विकास, भारतीय ज्ञान परंपरा तथा शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास की भूमिका पर विस्तृत चर्चा हुई। उद्घाटन सत्र का धन्यवाद ज्ञापन प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. पीयूष रंजन ने किया।

द्वितीय सत्र में क्षेत्रीय संयोजक डॉ. विजय कुमार सिंह ने संगठनात्मक संरचना, न्यास की कार्यप्रणाली एवं विभिन्न आयामों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कार्यकर्ताओं को संगठन विस्तार, समन्वय एवं समाज में प्रभावी कार्य करने का मार्गदर्शन दिया। सिंह ने संगठनात्मक संरचना, न्यास की कार्यप्रणाली एवं विभिन्न आयामों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कार्यकर्ताओं को संगठन विस्तार, समन्वय एवं समाज में प्रभावी कार्य करने का मार्गदर्शन दिया।

तृतीय सत्र में प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. पीयूष रंजन ने आगामी कार्यक्रमों एवं कार्ययोजनाओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए भविष्य की गतिविधियों की रूपरेखा प्रस्तुत की तथा सभी कार्यकर्ताओं से निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया।

चतुर्थ सत्र में क्षेत्रीय संयोजक डॉ. विजय कुमार सिंह ने विभिन्न दायित्वों की घोषणा करते हुए संगठन को अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने की दिशा में आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया।

समापन सत्र में राष्ट्रीय सह-संयोजक (तकनीकी शिक्षा) डॉ. रंजीत प्रसाद ने “पंच परिवर्तन” विषय पर प्रेरक उद्बोधन देते हुए शिक्षा, संस्कार, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण तथा नशामुक्ति के माध्यम से राष्ट्र निर्माण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का आधार जागरूक, संस्कारित एवं उत्तरदायी नागरिक ही हो सकते हैं। समापन सत्र का धन्यवाद ज्ञापन भारतीय भाषा मंच के सह-संयोजक डॉ. राघव माधव झा ने किया।
राष्ट्रीय गान एवं शांति मंत्र के साथ अभ्यास वर्ग का समापन हुआ।इस अवसर पर प्रांत के विभिन्न विभाग संयोजक, जिला संयोजक, सह-संयोजक, विभिन्न आयामों के संयोजक, प्रांतीय पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से प्रो. अनिल कुमार केसरी, डॉ. संजय प्रभाकर, डॉ. वसुंधरा देव, सरोज सारंगी, डॉ. तारा शंकर अग्रवाल, डॉ. मनोज कुमार देव, सुनील यादव, बी.एन. प्रसाद, डॉ. संतोष कुमार सिंह, खेमलाल महतो, डॉ. धर्मराज कुमार, डॉ. ललिता राणा, डॉ. ब्रजकिशोर विश्वकर्मा, डॉ. शंकर प्रसाद स्वर्णकार एवं अमरनाथ सिंह सहित अनेक कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की।
दायित्व की घोषणा:
1.⁠⁠प्रो. बी एन प्रसाद – विभाग अध्यक्ष, शिसंउन

  1. ⁠⁠प्रो. सरोज षाड़ंगी- प्रांत संयोजक, तकनीकी शिक्षा
    3.⁠ श्री राजेंद्र प्रसाद नेवार- प्रांत सह-संयोजक विद्यालयीन शिक्षा, झारखंड
    ⁠4.⁠ श्री शिवम शर्मा, महानगर संयोजक, विद्यालयीन शिक्षा, जमशेदपुर
    5.⁠ ⁠डॉ. अंजू कुमारी सह-संयोजक ,विद्यालयीन शिक्षा , जमशेदपुर
    6.⁠ ⁠डॉ मनोज कुमार, विभाग संयोजक, शिक्षक शिक्षा

प्रोफेसर रणजीत प्रसाद
राष्ट्रीय सह-संयोजक
तकनीकी शिक्षा
शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास


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