विश्व के किस प्राचीनतम सभ्यता में पानी साफ करने की एक व्यवस्था का पता चला है

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By abtak desk

दक्षिणी अमेरिका की माया सभ्यता में एक खास पानी साफ करने वाली व्यवस्था का जानकारी मिला है. इस प्रकार की पानी साफ करने की विधि पहले ग्रीक की सभ्यता भारत की सभ्यता मिश्र और रोमन सभ्यता में भी पाया गया है लेकिन माया सभ्यता में जो व्यवस्था मिला है वह बहुत ही बेहतरीन मानी जा रही है

दक्षिण अमेरिका के किस देश में है सभ्यता

वर्तमान समय में ग्वाटेमाला देश के विषुवत रेखीय वन प्रदेश के बीच माया सभ्यता का एक शहर की जानकारी मिली है शहर में एक जल भंडार की भी जानकारी मिली है. शहर का नाम तिकाल है ।इस इलाके में अवसादी चट्टानों की भी खोज की गई है यहां पर जिओलाइट और क्वार्ट्ज खनिज पाया गया है यह ऐसे खनिज है जो पानी में हानिकारक पदार्थ को हटा देते हैं

क्या है पूरा सिस्टम

अगर पानी के किनारे जिओलाइट और quartz खनिज पाए जाते हैं तो इसमें नाइट्रोजन और विषाणु पैदा नहीं होते हैं तिकाल शहर में ऐसे 12 जलाशय पाए गए जहां पानी को स्टोर करके रखा जाता था

कैसे काम करता है जिओलाइट

जिओलाइट में मुख्य रूप से एलमुनियम और सिलिकॉन मौजूद होते हैं जिसके कारण पानी चालने वाला पदार्थ बन जाता है अगर ग्रीस की सभ्यता को और रोमन की सभ्यता को देखा जाए तो वहां के लोग पोजोलन का प्रयोग करते थे जो आज के समय में सीमेंट बनाने के लिए उपयोग में लाया जा रहा है। इसलिए इतिहासकारों ने माना है कि जिओ लाइट का प्रयोग उस काल में और किसी सभ्यता में नहीं किया गया था

साफ पानी का महत्व पहले भी था इससे क्या पता चलता है

दक्षिण अमेरिका की माया सभ्यता में जैसे ही तिकाल शहर में 12 जलाशय की जानकारी मिली तो इससे पता चलता है कि यहां पर बहुत बड़ी जनसंख्या रहती थी और यहां पर जलवायु एक जैसा नहीं था यहां के मौसम में परिवर्तन होता था और यहां सूखा बहुत ज्यादा होगा अकाल भी होता होगा इसलिए इस क्षेत्र में जलाशय में पानी रोक कर रखने की विधि का विकास किया गया था

कैसे पता चला कि यहां पर जलस्रोत को बचाने की कोशिश की गई थी

जब इतिहासकारों ने इस क्षेत्र का अध्ययन किया तो देखा कहीं भी क्वार्ट्ज या जिओलाइट नामक पत्थर उपलब्ध नहीं है यानी कि इसे कहीं और से लाकर के जलाशय के किनारे फिट किया गया था तब शोधकर्ता को लगा तिकाल शहर से दूर से लाया जा रहा है जहां ज्वालामुखी चट्टानों में से बहुत पानी निकलता है

और किस सभ्यता से ऐसी जानकारी मिली है

नील नदी के किनारे मिस्र की सभ्यता सिंधु नदी के किनारे हड़प्पा की सभ्यता दजला फरात नदी के किनारे मेसोपोटामिया की सभ्यता पीली नदी के किनारे बांगहो की सभ्यता में भी जल स्रोत को बचाने की जानकारी पहले मिल चुकी है


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