विचाराधीन कैदी होंगे रिहा.

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नई दिल्ली – कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने गुरुवार को राज्यसभा में कहा कि गंभीर आपराधिक मामलों को छोड़कर अन्य आरोपों में आधी से अधिक सजा पूरी कर चुके विचाराधीन कैदियों को जमानत पर रिहा करने का प्रयास किया जाएगा. क्योंकि जिलों में ऐसे कई कैदी हैं जिन पर गंभीर आपराधिक मामले नहीं होने के कारण भी वे आधे से ज्यादा सजा पूरी कर चुके हैं ऐसे कैदियों को रिहा कर देना चाहिए और रविशंकर ने कहा कि उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से अनुरोध है कि वह जिला अदालत ऐसे विचार अपने कैदियों के मुकदमे पर सुनवाई को जल्द से जल्द पूरी करें.राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के अनुसार 2017 में देश में जेलों की क्षमता 3,91,574 थी.


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