Vinay सिंह Jharkhand aajtak ,झारखंड का करंज बीज चर्चा में क्यों है? क्या इससे सस्टेनेबल एवियशन फ्यूल बनेगा?
वर्तमान में करंज के बीज का न्यूनतम समर्थन मूल्य केंद्र सरकार ने ₹22 प्रति किलो तय किया है जबकि टर्बाइवा इंडिया लिमिटेड ने 48 रुपया प्रति किलो की दर से इस बीज को खरीद लिया है. इसे देखते हुए अगले वित्तीय वर्ष से इसकी लक्ष्य बढ़ाने की तैयारी है .यूरोपियन यूनियन के कई देशों में इसका निर्यात हो रहा है. इसे लेकर अंतरराष्ट्रीय कंपनी टर्वि इंडिया लिमिटेड ने सिद्धों kanhu एग्रीकल्चर एंड फॉरेस्ट प्रोड्यूस कोऑपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड के साथ एक एमओयू साइन किया है. झारखंड के सात ऐसे जिले हैं जहां करंज के पेड़ ज्यादा है इसमें सिमडेगा गुमला लोहरदगा खूंटी सरायकेला खरसावां चाईबासा हजारीबाग और गिरिडीह है इसलिए इन जिलों से करंज के बीच की आपूर्ति हो रही है. इस फार्मूले के द्वारा सिद्ध cooperative कंपनी और संग्रह कर्ता के बीच एक समन्वय का काम कर रहा है यह बीज लैंप्स और पैक्स को देते हैं. यहां यह बीज जमा होने के बाद कंपनी को सूचना दी जाती है. जो बीज की खरीददारी करती है. इसके लिए संग्रह कर्ता को जुट का बैग भी दिया जाता है ताकि बीज संग्रह करने और लैंप तक पहुंचने में सुविधा