जेएसएससी CGL के सीरियल वाले विज्ञापन को लेकर स्टूडेंट की है तीखी प्रतिक्रिया

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जेएसएससी के सीरियल वाले विज्ञापन को लेकर स्टूडेंट की है तीखी प्रतिक्रिया. ग्रैजुएट लेवल की नियुक्ति परीक्षा के लिए पिछले 6 साल में अलग-अलग तीन बार विज्ञापन निकला .कट ऑफ डेट 10 से लेकर 11 वर्ष तक बढ़ा दिया गया, ऐसे में लाखों विद्यार्थी बाहर हो जा रहे हैं जो पहली बार परीक्षा लिखे थे समझिए पूरी खबर को
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झारखंड में कोई परीक्षा हो और उसमें त्रुटि नहीं हो, विवाद नहीं हो ,तो यह एक जनरल नॉलेज का सवाल बन जाएगा. अब झारखंड कर्मचारी चयन आयोग जेएसएससी द्वारा सामान्य स्नातक युक्त आधारित संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के लगभग 956 पदों पर बहाली निकाली गई है .यह बहाली इसलिए महत्वपूर्ण है कि यह पिछले 6 साल में तीन बार अलग-अलग विज्ञापन जारी किया गया. हर विज्ञापन में यह बताया गया कि पिछले विज्ञापन में त्रुटि थी इसके चलते नया विज्ञापन लाया जा रहा है .सबसे नया जो विज्ञापन आया है यह तीसरा विज्ञापन है लेकिन सबसे बड़ी दुविधा उन छात्र-छात्राओं को है जो पहले विज्ञापन में इसका फॉर्म भरे थे और उस समय प्रारंभिक परीक्षा होने पर उसे उत्तीर्ण भी कर लिया था लेकिन तकनीकी विषय में संबंधित योग्यता नहीं होने के कारण मामला हाईकोर्ट चला गया और हाईकोर्ट ने इसे रद्द करने का फैसला लिया. इसके विज्ञापन को वापस ले लिया गया. इसके बाद दूसरी बार विज्ञापन आई लेकिन स्थानीय नीति के कारण इसे फिर से वापस लिया गया. अब तीसरी बार जो विज्ञापन लाया गया है इसमें उम्र सीमा इस प्रकार से बनाया गया है कि लगभग 95% अभ्यर्थी जो पहली विज्ञापन में एक उम्मीदवार थे, इस बार फॉर्म नहीं भरेंगे .जाहिर सी चीज है कि इससे अभ्यर्थियों का गुस्सा बढ़ रहा है और स्टूडेंट ने कहा है कि उस समय अगर विज्ञापन रद्द हुआ था तो इसमें उनकी गलती कहां है? इसलिए उनको मौका मिलना चाहिए नहीं तो स्टूडेंट हाईकोर्ट चले जाएंगे .सबसे पहले राज्य गठन के बाद झारखंड कर्मचारी चयन आयोग द्वारा 2015 में जेएसएससी का विज्ञापन जारी किया गया था. जिसमें अभ्यर्थियों की उम्र की गणना 2012 रखा गया. था .दूसरा विज्ञापन वर्ष 2016 में संशोधित करके उसमें उम्र की गनना 2010 ही रखी गई. पीटी वर्ष 2019 में हुआ लेकिन रिजल्ट में त्रुटि के चलते हाईकोर्ट के आदेश से विज्ञापन को रद कर दिया गया .तीसरा विज्ञापन वर्ष 2021 में आया इसमें उम्र की गणना वर्ष 2021 को रखा गया है .अभ्यर्थी की उम्र 3 विज्ञापन के चक्कर में इतना बढ़ गया है कि वे फॉर्म नहीं भर पाएंगे ,साथ ही यह भी समझिए कि पहले बार में शुल्क ₹460 , दूसरी बार में ₹1000 था और तीसरी बार में ₹100 किया गया है. अब स्टूडेंट यह बोल रहे हैं कि इसमें उनकी गलती क्या है? इसलिए सरकार को इसमें सुधार करते हुए उन्हें एक मौका जरूर मिलना चाहिए परीक्षा लिखने का.


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