रिपोर्ट में यह पता चला है कि कौशल विकास योजना में 3 साल में मंत्रालय ने मात्र 49 फ़ीसदी युवाओं को ही प्रशिक्षण दिया है 51 फ़ीसदी युवा अभी भी बेरोजगार हैं।

इस योजना का लाभ स्कूल एवं कॉलेज से पढ़ाई छोड़ने वालों और बेरोजगारों को मिलना था । पूरे देश में कौशल विकास केंद्र 80 से 200 घंटे के बीच कोर्स कराए जाने का प्रावधान भी है।

इस योजना से 1 करोड़ 10 लायुवाओं को लाभ मिलना चाहिए था परंतु अब तक 54 लाख युवाओं को ही से ट्रेनिंग दी गई है। बता दें कि यह योजना प्रधानमंत्री मोदी की प्राथमिकता वाली योजनाओं में से एक हैं।