पीएमसी बैंक के बारे में जाने विस्तार से (National current affairs)

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रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने पीएमसी बैंक का नया प्रशासक नियुक्त किया है जिसका नाम है एके दीक्षित है
इस भारतीय रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया का मुख्यालय मुंबई महाराष्ट्र में है इसकी स्थापना 1 अप्रैल 1935 ईस्वी में की गई थी और इसके गवर्नर है शक्ति कांत दास है यह भारत का केंद्रीय बैंक है और यह भारत के सभी बैंकों का संचालक है रिजर्व बैंक भारत की अर्थव्यवस्था को नियंत्रित करता है पहले यह एक निजी बैंक था लेकिन अब से भारत सरकार का उपक्रम बन गया है इसके पूरे भारत में 29 क्षेत्रीय कार्यालय हैं जिनमें से अधिकांश राज्यों की राजधानीयो में स्थित है मुद्रा परिचालन एवं काले धन की दोषपूर्ण अर्थव्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए ही रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की स्थापना की गई है यह बैंक नोटों की निर्गम को नियंत्रित करता है भारत में मौजूद स्थायित्व प्राप्त करने की दृष्टि से प्रारक्षित निधि रखना है और सामानतः देश के हित में मुद्रा व लोन प्रणाली प्रचारित करना। मौद्रिक नीति तैयार करना उसका कार्यान्वयन निगरानी रखना वित्तीय प्रणाली का विनिर्माण और पर्यवेक्षण करना विदेशी मुद्रा का प्रबंधन करना करना उसका विनिमय करना और परिचालन योग्य न रहने पर उन्हें नष्ट करना
इस बैंक का मुख्य उद्देश्य है मूल्य स्थिरता बनाए रखना और उत्पादक क्षेत्रों को पर्याप्त लोन उपलब्धता को सुनिश्चित करना। वित्तीय प्रणाली का विनियामक और पर्यवेक्षक बैंकिंग परिचालन के लिए विस्तृत मानदंड निर्धारित करता है जिसके अंतर्गत देश की बैंकिंग और वित्तीय प्रणाली काम करती हैं। और इसका मुख्य उद्देश्य भी है कि प्रणाली ने लोगों का विश्वास बनाए रखना जमा कर्ताओं के हितों की रक्षा करना और आम जनता को किफायती बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराना विदेश व्यापार और भुगतान को सुविधाजनक बनाना और भारत में विदेशी मुद्रा बनाए रखना करेंसी जारी करता है और अपना परिचालन के योग्य नहीं रहने पर करेंसी और सिखों को नष्ट करता है करेंसी नोट और सिक्कों की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध कराता है
राष्ट्रीय उद्योग की सहायता के लिए व्यापक स्तर पर प्रोत्साहनात्मक कार्य करता है।


इसका प्रमुख कार्य है कि यह केंद्र और राज्य सरकारों के लिए व्यापारी बैंक की भूमिका अदा करता है उनके बैंकर का कार्य भी करता है सभी अनुसूचित बैंकों के बैंक खाते रखता है
रिजर्व बैंक अधिनियम की धारा 21 के अनुसार भारतीय रिजर्व बैंक को भारत में सरकारी कारोबार करने का अधिकार है। राज्य सरकारों के साथ करार कर भारतीय रिजर्व बैंक राज्य सरकार के लेनदेन कर सकता है भारतीय रिजर्व बैंक ने अब तक यह करार सिक्किम सरकार को छोड़कर सभी राज्य सरकार के साथ किया है। : यह बैंक कि केंद्रीय लेखा अनुभाग नागपुर में के प्रमुख खाते रखता है भारतीय रिजर्व बैंक ने पूरे भारत में सरकार की ओर से राजस्व संग्रह करने के साथ-साथ भुगतान करने के लिए त सूसंचालित व्यवस्था की है भारतीय रिजर्व बैंक के लोक लेखा विभाग और भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम की धारा 45 के अंतर्गत नियुक्त एजेंसी बैंकों की शाखाओं का संचालन सरकारी लेन-देन करता है वर्तमान में सार्वजनिक क्षेत्र की सभी बैंक और निजी क्षेत्र की तीन बैंक जैसे कि आईसीआईसीआई बैंक लिमिटेड एचडीएफसी बैंक लिमिटेड और एक्सिस बैंक लिमिटेड रिजर्व बैंक की एजेंट के रूप में कार्य करते हैं एजेंसी बैंकों की प्राधिकृत शाखाएं सरकारी लेनदेन कर सकती हैं
विदेशों की अधीन रहते हुए रिजर्व बैंक के कार्य और कारोबार का साधारण अधिक संदेश अनुदेशकों की केंद्रीय बोर्ड को सौंपा जाएगा जो ऐसे शब्द शक्तियां का प्रयोग कर सकेगा ऐसे सभी कार्य तथा बातें कर सकेगा जो रिजर्व बैंक द्वारा प्रयुक्त है । केंद्रीय बोर्ड द्वारा बनाए गए विनियम मे जैसा उपबंधित उसके सिवाय गवर्नर तथा उसकी अनुपस्थिति में उसके द्वारा इस नाम निमित्त निर्दिष्ट डिप्टी गवर्नर को भी रिजर्व बैंक के कार्य और काम-काज के साधारण अधीक्षण और निर्देशन की शक्तियां होगी और वह सब बात कर सकेगा जो रिजर्व बैंक द्वारा प्रयोग की जा सकती है
पीएमसी बैंक  एक को-ऑपरेटिव बैंक  है। इसकी स्थापना 1984 में हुई और इसका मुख्यालय मुंबई में है हालांकि, डिपॉजिटर्स के हित और को-ऑपरेटिव बैंकिंग सेक्टर में स्थिरता लाने के लिए RBI स्टेकहोल्डर्स और अथॉरिटीज से संपर्क में है। केंद्रीय बैंक  ने  पीएमसी बैंक के बोर्ड और मैनेजमेंट को अपने नियंत्रण में ले लिया है। आरबीआई ने अपने एक पूर्व अधिकारी को  बैंक  का प्रशासक नियुक्त किया है।
पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव (PMC) बैंक के ग्राहकों के लिए राहत की खबर है. छह महीने के दौरान वे 1,000 रुपये की जगह 10,000 रुपये निकाल सकेंगे. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने गुरुवार को बैंक से नकद निकासी की सीमा बढ़ा दी है.

आरबीआई ने इस बारे में एक बयान जारी किया है. इसके अनुसार, “नकद निकासी के नियम में ढील के बाद बैंक के 60 फीसदी से ज्यादा ग्राहक अपने खाते से पूरी रकम निकाल पाने में सक्षम होंगे. अन्य नियम और शर्तों में बदलाव नहीं किया गया है.”


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