कोरोना काल में संसद सत्र में तारांकित प्रश्नों को हटाने पर विपक्ष दलों दलों दलों ने नाराजगी जाहिर की जिसके बाद बाद प्रश्नकाल को सीमित कर दिया गया है यह अब 30 मिनट का होगा एवं प्रश्नकाल में रोज 160 अतारांकित प्रश्नों के लिखित उत्तर दिए जाएंगे । हालांकि विपक्ष अभी इस फैसले से इस फैसले से से अभी इस फैसले से इस फैसले से से संतुष्ट नहीं है परंतु संसद सत्र से जुड़ा एक नोटिफिकेशन जारी किया गया जिसमें सभी सांसदों को यह बताया गया है कि इस बार राज्यसभा के प्रश्नकाल नहीं होता ऐसे में सभी सदस्य अपने सवाल लिखित रूप में पहले दे सकते हैं जिनका उन्हें लिखित जवाब दिया जाएगा।

बता दे कि तारांकित तारांकित कि तारांकित तारांकित श्रेणी में प्रश्न नहीं होने पर कांग्रेस ने नाराजगी जताई थी एवं सरकार की इस मंशा पर सवाल उठाया था उन्होंने कहा कि तारांकित श्रेणी के तहत संसद में उठाए गए जनहित के प्रश्नों को सरकार को जवाबदेह नहीं ठहराना भारत के लोकतंत्र का अपमान है।
बता दें कि ऐसा कई मौकों पर हो चुका है 2004 एवं 2009 में भी प्रश्नकाल नहीं हुआ था इसके अलावा 1962 ,1975 ,1991 ,1976 में भी प्रश्नकाल नहीं हुआ था एवं 1975,1976 में आपातकाल के दौरान भी प्रश्नकाल नहीं हुआ था.