Shabina, abtaknews.live
सातवीं जेपीएससी परीक्षा का अंतिम परिणाम आने के लगभग 8 महीने के बाद झारखंड लोक सेवा आयोग ने अंतिम कट off का प्रकाशन कर दिया है. इसके प्रकाशन के साथ-साथ कई प्रकार के विवाद भी सामने आ गए हैं. प्रकाशन में जहां एक और मुख्य परीक्षा में 532 कटoff अनारक्षित ओबीसी वन एवं ओबीसी 2 के अलावा ईडब्ल्यूएस कैटेगरी का रखा गया है ,वहीं दूसरी ओर अंतिम रिजल्ट के नंबर में भी लगभग 60 से 65% तक वाले का चयन हुआ है .इसे लेकर छात्र-छात्राओं ने अब सीबीआई जांच की मांग की है. छात्र-छात्राओं के प्रतिनिधि मडल के सदस्य ने झारखंड अब तक न्यूज़ चैनल से बातचीत करते हुए कहा कि हमेशा की तरह जेपीएससी में इस बार भी गड़बड़ी के संकेत मिल रहे हैं. अगर सब कुछ ठीक रहता तो आयोग पहले कट ऑफ मार्क्स जारी कर सकता था. वही प्रार्थी की ओर से केस लड़ रहे वकील अमृतांश वत्स ने कहा है कि आगामी 16 जनवरी को हाईकोर्ट में जेपीएससी को जवाब देना है पूर्व में jpsc को हाईकोर्ट ने 3 सप्ताह का समय दिया था इसलिए आयोग आनन-फानन में इस रिजल्ट को जारी किया है. केस स्टडी करने के बाद वे आगे निर्णय लेंगे अब जेपीएससी को यह बताना पड़ेगा कि वह एक ही प्रकार का कटऑफ निर्धारित कैसे किया. साथ ही बहुत सारे स्टूडेंट का कहना है कि एक ही भाषा में सबसे अधिक नंबर दिया गया है. जबकि बाकी भाषा में average मार्किंग की गई है इसे लेकर भी सवाल उठना शुरू हो गया है.