Bhavna Kumari abtaknews.live
वर्ष 2016 से चल रहा विवाद अभी भी समाप्त नहीं हुआ है ,इसे लेकर फिर से एक बार सुप्रीम कोर्ट में 14 नवंबर को हम सुनवाई हो रही है. जिसमें सरकार द्वारा कुछ बिंदु पर स्पष्टता मांगी जाएगी .वहीं दूसरी ओर सोनी कुमारी ने कोर्ट की अवमानना का एक केस किया है ,जिसमें कहा गया है कि राज्य सरकार और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग द्वारा सुप्रीम कोर्ट के पुराने आदेश की अवमानना की गई है .वहीं दूसरी ओर सुप्रीम कोर्ट द्वारा मेरिट लिस्ट को देखकर पहले जो फैसला किया गया था ,उस पर कुछ बिंदु में स्पष्टता नहीं था .पहले जिला स्तर पर मेरिट लिस्ट तैयार हुई थी सभी जिलों की नियुक्ति का न्यूनतम अंक अलग अलग था. सीट भी सभी जिले के लिए अलग-अलग दी गई थी .ऐसे मेरिट लिस्ट तैयार करने की प्रक्रिया को लेकर सरकार सुप्रीम कोर्ट में गई है .राज्य स्तर पर मेरिट लिस्ट तैयार करने में कई विषयों में 2-3 सीट से अधिक अभ्यर्थियों के चयन का मामला सामने आ रहा है. अगर सुप्रीम कोर्ट आदेश जारी करता है तो फिर प्रक्रिया रुक जाएगी.
इसे लेकर vinay आई एस अकैडमी जमशेदपुर की सुकन्या एवं मीनाक्षी ने कहा है कि झारखंड में पढ़ रहे छात्र छात्राओं के लिए बहुत ही दिक्कत की बात होती है. उनकी समय पर नियुक्ति नहीं हो पाती है .झारखंड तक न्यूज़ से बातचीत करते हुए झारखंड यूथ एसोसिएशन के राजेश ओझा, इमाम शफी, रमेश लाल सहित अन्य सदस्यों ने कहा कि जल्द ही सरकार को स्टूडेंट के पक्ष में फैसला लेना चाहिए.