इसरो कम खर्च में अंतरिक्ष में छोटी उपग्रह को तैनात करने की तैयारी में है वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से संसद में शीतकालीन सत्र 2019 बीच में ₹11.97 करोड़ का प्रस्ताव किया गया था इसके पूरक मांगों पर चर्चा के बाद इसे मंजूरी दे दी गई है

अब तक अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, कनाडा आदि के उपग्रह शामिल थे ।निर्माण की अनुमानित लागत 30 करोड़ हैं। इंस्टीट्यूट ऑफ रिसर्च एंड एनालिसिस के वरिष्ठ फेलो अजय ने बताया कि पृथ्वी की निचली सतह पर प्रक्षेपित करने के लिए बनाया जा रहा है ।

ज्यादातर उपभोक्ताओं को उपग्रह प्रक्षेपण यान से प्रक्षेपित करता है अंतरिक्ष में भेजने की योजना आगे बढ़ाने के क्रम में पीएसएलवी का भार बढ़ जाता है ऐसे में एजेंसी को एसएसएलवी तैयार करने की जरूरत महसूस हुई।