Shabina abtaknews.live
जेएसएससी ने जैसे ही पुराने 12 विज्ञापन को रद कर दिया उसके साथ ही झारखंड के 25 लाख से अधिक स्टूडेंट का नौकरी का सपना देखना भी चकनाचूर हो गया ,हालांकि झारखंड में यह नई बात नहीं है कि स्टूडेंट के साथ इस प्रकार का खेल खेला गया हो इसके पहले भी कई नियुक्ति नियमावली को रद्द कर दिया गया था. ताजा मामले में नियोजन नीति हाई कोर्ट के द्वारा रद्द होने के बाद सारी नियुक्ति प्रक्रिया रोक दी गई है, इसके साथ ही जिसका परीक्षा हो चुका था एवं जो स्टूडेंट नौकरी की आशा में बैठे हुए थे उसको भी रद्द करने की घोषणा कर दी गई है. अब नए सिरे से फॉर्म का प्रकाशन किया जाएगा. उसके बाद ही नियुक्ति प्रक्रिया शुरू हो पाएगी लेकिन सवाल यह उठता है कि अभी तक झारखंड में कोई नियोजन नीति स्पष्ट रूप से नहीं बनी है और जो बनने वाली है अथवा बन चुकी है वह कोर्ट से निरस्त हो जाती है. इससे छात्र-छात्राओं को शंका है कि आने वाले समय में भी क्या उन्हें नौकरी मिल पाएगी? यही कारण है कि झारखंड के तमाम छात्र सड़क पर आंदोलन करने के मूड में है.