सिविल सेवा परीक्षा में 812 कैंडिडेट में से 485 ने हिंदी को चुना-

Share The News

वर्ष 2018 के यूपीएससी परीक्षा में कुल 812 बच्चों का चयन हुआ था जिसमें 485 बच्चों ने हिंदी एवं अन्य ने क्षेत्रीय भाषा को अपनी मातृभाषा के रूप में चुना,

विनय आइएएस एकेडमी द्वारा संचालित सेमिनार

सिविल सेवा की प्रत्येक वर्ष परीक्षाएं आयोजित होती है जिसमें प्रारंभिक परीक्षा मुख्य परीक्षा एवं साक्षात्कार के बाद अंतिम चयन किया जाता है, अगर वर्ष 2017 की बात की जाए तो कुल 1056 कैंडिडेट में 633 कैंडिडेट ने हिंदी को अपनी मातृभाषा रखा था इसकी जानकारी राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा में दी,

वर्ष 2016 की बात की जाए तो 1209 कैंडिडेट में 664 में हिंदी को मातृभाषा के रूप में चुना वहीं वर्ष 2015 में 643 और वर्ष 2014 में 746 स्टूडेंट ने हिंदी को अपनी मातृभाषा बताया, वर्ष 2015 में कुल 1164 स्टूडेंट का चयन हुआ था एवं वर्ष 2014 में 1363 स्टूडेंट का चयन अंतिम रूप से हुआ था,।

संघ लोक सेवा आयोग द्वारा ली जाने वाली आईएएस परीक्षा सबसे महत्वपूर्ण परीक्षा होती है हाल के वर्षों में ऐसा लग रहा था कि हिंदीभाषी की संख्या घट रही है लेकिन राज्यसभा में एक प्रश्न का उत्तर देते समय जितेंद्र सिंह ने कहा कि यह संख्या पूर्व की तरह ही है और हिंदी भाषियों का रुझान बढ़ा है


Share The News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *