अभी हाल में ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास कर आईएएस आईपीएस आईएफएस आईआरएस बनने वाले युवाओं को ट्रेनिंग और यूपीएससी के लिए पर डिटेल में बात की,

उन्होंने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी से 10 दिन निर्णय के बाद आईएएस अफसर को भारत सरकार की अलग-अलग व्यवस्था से 3 महीने के लिए जोड़ा जा रहा है ताकि उन्हें पता चल सके कि देश के सामने क्या चुनौती है और उनका विजन क्या होता है इससे ग्रास रूट लेवल पर या पता चल पाएगा की सफलतम प्रयोग कैसे किया जाए, लिटिल स्कीम के जरिए प्राइवेट सेक्टर के एक्सपर्ट्स को सीधे मंत्रालय में जॉइंट सेक्रेटरी के पद पर नियुक्त किया जा रहा है

, अप्रैल महीने में देश में पहली बार निजी क्षेत्र के 9 विशेषज्ञ को केंद्र सरकार के विभिन्न विभाग में संयुक्त सचिव के पद पर तैनाती के लिए चुना गया कार्मिक मंत्रालय ने पिछले साल जून में सीधी भर्ती व्यवस्था के जरिए संयुक्त सचिव राय के पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे लगभग 7000 लोगों ने इसके लिए अप्लाई किया था,

सरकार का यह मानना है कि सिविल सेवा में प्रारंभिक मुख्य भाषा तथा साक्षात्कार के जरिए जो स्टूडेंट का चयन किया जाता है वे काफी अच्छे होते हैं लेकिन समाज के हर वर्ग का प्रतिनिधित्व सरकार में होना चाहिए और इसके लिए जरूरी है कि अनुभवी व्यक्ति को जो प्राइवेट सेक्टर में एक करोड़ के सालाना पैकेज पर होंगे उनके पास भी अनुभव बहुत अच्छी होगी यही कारण है कि इस प्रकार के विशेषज्ञों को सरकार ने सीधा जॉइंट सेक्रेटरी का पद देने का मन बनाया है