

यूपीएससी 2017 की परीक्षा में सौम्या को देशभर में नाइंथ रैंक हासिल हुई, आपको यह जानकर हैरानी होगी कि सौम्या की सुनने की क्षमता काफी कमजोर है इसके बावजूद उसने इसका फायदा नहीं लिया यूपीएससी में और जनरल केटेगरी के द्वारा ही आवेदन दिया था,

सौम्या शर्मा नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी दिल्ली से कानून में स्नातक है और उसके बाद ही उसने यूपीएससी में जाने का सोचा, सोनिया शर्मा ने कहा कि कोई जरूरी नहीं है कि कोई भी स्टूडेंट कोचिंग ज्वाइन करने के बाद ही क्वालीफाई हो हां कोचिंग की मदद सिर्फ टेस्ट सीरीज में ली जा सकती है,

सोनिया शर्मा ने कहा कि स्टूडेंट को तैयारी करने के पहले एनसीईआरटी पुस्तक से अध्ययन कर लेना चाहिए साथी साथ क्या-क्या नहीं पढ़ना है इसकी भी जानकारी होनी चाहिए सिविल सर्विस जैसी कठिन परीक्षा को पास करने के लिए इसका निर्णय स्नातक के प्रथम वर्ष में ही ले लेना चाहिए और उसी समय से अगर कोई भी स्टूडेंट तैयारी करते रहे तो स्नातक के अंतिम वर्ष के बाद वह जरूर क्वालीफाई कर सकता है