वर्तमान में देश भर में कुल 1540 सहकारी बैंक कार्यरत है जिसे अब आरबीआई के दायरे में लाया गया है बता दें कि को-ऑपरेटिव बैंकों के आरबीआई के दायरे में आने से कई फायदे होंगे जिसमें बैंकों में जमा कर्ताओं का धन सुरक्षित होगा एवं इसमें आरबीआई की निगरानी से स्थानीय हस्तक्षेप को भी कम किया जा सकेगा।

इसके साथ ही घोटालों में भी रोक लगाई जा सकेगी एवं सहकारी बैंकों के कामकाज में भी पारदर्शिता आएगी। गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों में कई सहकारी बैंकों में घोटाले सामने आए हैं जिसे रोका जा सकेगा।