रेलवे व बैंकों को प्राइवेट करने के विरोध में विभिन्न यूनियनों द्वारा प्रदर्शन एवं जनसंपर्क अभियान की शुरुआत की गई है बता दें कि भाजपा केंद्र सरकार पिछले 6 वर्ष से देश के विभिन्न क्षेत्र में निजी करण की नीति लागू कर रही है जिसके अंतर्गत एयरपोर्ट, रेलवे ,सेल, भेल तथा डिफेंस जैसे महत्वपूर्ण संस्थानों का भी निजीकरण किया जाएगा। जिसके साथ ही विदेशी निवेश सीमा को 100% करने का निर्णय सरकार द्वारा लिया गया है ।

बता दें कि एलआईसी जनरल इंश्योरेंस का एकीकरण एलआईसी के पूंजी निवेश का फैसला सरकार ले चुकी है । रेल कर्मियों द्वारा 16 सितंबर को इस आंदोलन पर वेबिनार आयोजित कराया जाएगा, 17 सितंबर को रैली निकाली जाएगी, 18 सितंबर को मशाल जुलूस एवं 19 सितंबर को काला फीता बांधकर विरोध किया जाएगा।