पेड़ पर चढ़ने उतरने सीख जाइए, दरोगा बन जाइए
Nitusingh abtaknews.live
झारखंड में दरोगा एवं सिपाही बनने के लिए नए गाइडलाइन आने वाले हैं .नए गाइडलाइन के मुताबिक अब दरोगा और सिपाही बनने के लिए कोई लिखित परीक्षा नहीं होगी और ना ही लिखित परीक्षा पास करनी होगी .मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्वयं इसकी जानकारी दी .उन्होंने चाईबासा के टोंटो प्रखंड के एक कार्यक्रम में यह कहा इस राज्य में दरोगा और सिपाही बनने के लिए लिखित परीक्षा क्यों ली जाती है. इससे बाहर के स्टूडेंट अधिक से अधिक संख्या में आ जाते हैं. इसलिए गुरु जी यानी कि शिबू सोरेन के समय दरोगा सिपाही की नौकरी उसे मिलती थी, जो सरासर पेड़ पर चढ़ जाता था. और उतर जाता था .झारखंड में अब ऐसा ही होगा जो युवा सीधे पेड़ पर चढ़कर नीचे उतर जाएगा, वही दरोगा सिपाही बनेगा. उन्होंने यह भी बताया कि वे सभी व्यवस्था को लागू करेंगे, जिससे वहां के स्थानीय लोगों को ज्यादा से ज्यादा लाभ होगा. मुख्यमंत्री जी को यह भी समझना चाहिए कि पेड़ पर चढ़कर उतर जाने से दरोगा कोई केस सॉल्व नहीं कर पाएंगे और क्या बाहर के लोग पेड़ पर चढ़कर नीचे नहीं उतर सकते हैं. देखना पड़ेगा पहले तो यहां पर वैकेंसी निकले .उसके बाद व्यवस्था लागू हो