-श्रीलंका में 2022 में, बांग्लादेश में 2024 में ,और नेपाल में 2025 में जनता के द्वारा किया गया आंदोलन से भारत पर एक असर की संभावना है .नेपाल के प्रधानमंत्री 2024 में प्रधानमंत्री बनने के बाद पहला विदेशी दौरा भारत को छोड़कर चीन के साथ किया था .वहाँ उन्होंने belt रोड इनिशिएटिव पर समझौता किया .अमेरिका ने नेपाल में MCC 5 सौ मिलियन डॉलर का क़रार किया अगर यह आंदोलन इसी प्रकार से जारी रहा ,भारत में शरणार्थी संकट,trade पर, रेट पर और सीमा सुरक्षा ख़तरा आएगा. अमेरिका और चीन के बीच के टकराव का असर भारत की कूटनीति पर पड़ेगा. भारत के पड़ोसी देश में 2022 श्रीलंका में आर्थिक संकट 2022 में पाकिस्तान में सेना का हस्तक्षेप और 2024 में भ्रष्टाचार का आरोप बांग्लादेश पर लगते हुए आंदोलन हो चुका .जिससे भारत में भी इसके असर दिखाई देंगे आंदोलन का मूल कारण क्या है ?ऐसा माना जाता है कि हर 20 वर्षों में नेपाल में एक बार जनता का ग़ुस्सा सड़कों पर दिखता है 50 का राणा शासन का विरोध. 1990 संविधान आंदोलन 2006 का माओवादी आंदोलन और 2025 का यह जनसैलाब लोकतंत्र की स्थापना से जनता को बहूत उम्मीद की लेकिन सरकार की आरी जाने के बाद देश की स्थिति नहीं बदली यह एक प्रमुख कारण है नेपाल की भारत की आय में कितनी है ?नेपाल की प्रति व्यक्ति आय 1,23000 रुपया जबकि भारत की प्रति व्यक्ति आय 2,54, 000 रुपया है नेपाल की आंदोलन में ज़िंदगी का क्या रोल है ?नेपाल की आबादी का एक 23% जैन जी के साथ जुड़े हुए हैं जिसमें 16 से 25 साल के युवा है .युवाओं में बेरोज़गारी दर 22.7% हर साल पाँच लाख नौकरी खोजने वाले युवा ,कंपनी बढ़ाने के बजाय कर्मी को बाहर निकाल रही है . एग्रीकल्चर सेक्टर में रोज़गार 71% से घटकर लगभग 2% हो गया है . कार्यकाल की कुछ विवादित घटनाएँ भी इसके लिए ज़िम्मेवार है जैसे कि चीन से दोस्ती और ट्रांजिट समझौता भारत के दौरे का लगातार टालना बेल्ट एन्ड्रोइड इनसे टीम में भागीदारी भारत के साथ सीमा lepulekh काला पानी का तैयार करना. नया नक़्शा जारी कर भारत से विवाद खड़ा करना भी एक प्रमुख काम रहा है