झारखंड हाई कोर्ट नियोजन नीति को असंवैधानिक करार देते हुए इसे रद्द कर दिया है बता दें कि 13 अनुसूचित जिलों के शिक्षकों की नियुक्ति को रद्द कर दिया है हाईकोर्ट ने कहा है कि नियोजन नीति समानता का अधिकार (अनुच्छेद 14) एवं समान अवसर का अधिकार (अनुच्छेद 16 )का उल्लंघन करता है . इसके साथ ही 8000 शिक्षकों की नियुक्ति रद्द कर दी गई है। 2016 में जेएसएससी हाईस्कूल शिक्षक नियुक्ति का विज्ञापन जारी किया गया था जिसके बाद इसमें 13 अनुसूचित जिले एवं 11 गैर अनुसूचित जिले में शिक्षकों की नियुक्ति की गई थी जिस पर सोनी कुमारी ने याचिका दायर की थी कि किसी भी जिले में शत प्रतिशत आरक्षण नहीं दिया जा सकता यह और संवैधानिक है ।

हांलांकि राज्य सरकार को नियोजन नीति के मामले में फैसला लेना अभी बाकी है बता दें कि अभी इस मामले में और भी कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी। अधिवक्ता ललित कुमार सिंह ने बताया कि यदि कोई भी पक्ष इस फैसले से असंतुष्ट है तो वह सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर सकती है ।