झारखंड कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित जेएसएससी सीजीएल परीक्षा का विवाद रुकने का नाम नहीं ले रहा है, जेएसएससी कार्यालय की ओर से राजभवन को जो रिपोर्ट जमा की जा रही है उसमें यह बताया गया है की ओरिजिनल सबूत शिक्षक नेता के द्वारा नहीं दिया गया है जबकि एक पेन ड्राइव दिया गया है. एक ऑडियो वॉइस रिकॉर्डिंग भी नहीं दी गई है. स्टूडेंट को ऐसा लग रहा है कि चुनाव आचार संहिता का लाभ उठाते हुए कहीं jssc कहीं रिजल्ट जारी नहीं कर दे ,वहीं दूसरी और हेमंत सोरेन जी दशहरे पर भाषण दे रहे थे और स्टूडेंट उन्हें troll करते हुए लिख रहे थे कि जितना कुछ हेमंत सोरेन जी बोल रहे हैं वह अपनी पार्टी और सरकार के ऊपर भी लागू करना चाहिए वही जमशेदपुर में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में उड़ीसा के राज्यपाल रघुवर दास ने झूले का आनंद लिया और कहा कि उनकी पोती ने इच्छा जताई थी कि वह झूले में साथ में घूमें इसलिए वह झूला झूल रहे हैं, उन्होंने झारखंड की राजनीति के संबंध में फिलहाल टिप्पणी करने से इनकार कर दिया .अंबा प्रसाद देवी अपना विचार अपने क्षेत्र में जनता के सामने रखा है.