झारखंड में 677 प्रधानाध्यापक की नियुक्ति का रास्ता हुआ साफ. स्वास्थ्य विभाग में भी होगी नई नियुक्ति. जेएसएससी को हाईकोर्ट ने दिया शपथ पत्र देने का निर्देश

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Nitusingh abtaknews.live

झारखंड में प्रधानाध्यापक की नियुक्ति झारखंड लोक सेवा आयोग द्वारा की जाएगी. इसके लिए स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग में जेपीएससी के पास प्रस्ताव भेज दिया है .सरकारी स्कूल के वैसे शिक्षक शामिल होंगे और आवेदन देंगे जो कम से कम सरकारी स्कूल में 10 वर्ष से सेवा दे रहे हैं. यह नियुक्ति लिखित परीक्षा के माध्यम से होगी आयोग द्वारा आदर्श चुनाव आचार संहिता समाप्त होने के बाद इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी. वर्तमान में राज्य में लगभग 2600 हाई स्कूल है .इसमें से 50 में ही स्थाई हेड मास्टर है और बाकी पद खाली है. इसलिए इस बार 677 प्रधानाध्यापक की नियुक्ति की जा रही है.

इधर झारखंड के विभिन्न जिलों में राज्य रुरल हेल्थ मिशन सोसाइटी के तहत सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी यानी कि कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स के 865 पदों पर भी नियुक्ति प्रक्रिया जल्द शुरू हो जाएगी .इसके लिए आवेदन मांगा लिया गया है लेकिन लोकसभा चुनाव की घोषणा के कारण अभी इसकी नियुक्ति प्रक्रिया बंद है. ग्रामीण इलाकों में डॉक्टर की कमी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव अजय कुमार सिंह ने इसमें गति लाने का निर्देश दिया है .गौरतलब है कि राज्य में खासकर ग्रामीण इलाके में डॉक्टर के विकल्प को देखते हुए कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स की नियुक्ति की जाएगी जिसमें एनएचएम द्वारा करीब 3958 पद स्वीकृत है. इसमें से 2700 पद पर सी एच ओ कार्यरत है जबकि 865 पद में प्रक्रिया चल रही है.

वहीं दूसरी और झारखंड हाईकोर्ट में संयुक्त स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक प्रतियोगिता परीक्षा 2016 में अधिक अंक लाने के बाद भी नियुक्ति नहीं होने को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई की इसमें प्रार्थी का पक्ष सुना गया. अदालत ने प्रार्थी को तीन सप्ताह के अंदर विस्तृत रिपोर्ट शपथ पत्र करने का निर्देश दिया है. वहीं जेएसएससी को भी 3 सप्ताह के अंदर प्रार्थी के विस्तृत शपथ पत्र पर जवाबदारी करने का निर्देश दिया है .मामले की अगली विस्तृत जून में होगी. इससे पूर्व प्रार्थी की ओर से अदालत को बताया गया कि स्नातक प्रशिक्षित संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में उन्हें अधिक अंक हासिल हुआ है राज्य में उनका नाम मेधा सूची में भी है लेकिन उनकी नियुक्ति अनुशंसा जेएसएससी ने नहीं की .jssc की ओर से अधिवक्ता संजय piperwal ने प्रार्थी की दलील का विरोध करते हुए कहा कि उन्हें cut off marks से अधिक अंक नहीं मिला है


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