जेएसएससी जेपीएससी एवं अन्य सरकारी विभाग के बारे में जो सरकारी कर्मचारी लगातार आलोचना कर रहे थे एवं अपडेट दे रहे थे उनके खिलाफ शुरू हो रही है कार्रवाई, निम्नलिखित मापदंड हो गए हैं लागू।

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Nitusingh jharkhand aajtak in

झारखंड सरकार ने सभी कर्मियों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग किए जाने के लिए कार्मिक विभाग ने दिशा निर्देश जारी कर दिया है ।इसके लिए गठित उच्च स्तरीय समिति ने सात प्रकार के स्टैंडर्ड बनाए हैं। सभी लोगों को कहा गया है कि सोशल मीडिया पर इस सीमा तक अपने विचार रख सकते हैं जी सीमा तक सरकार द्वारा उसे आपत्तिजनक नहीं माना जाए। सरकारी कर्मी ना तो किसी राजनीतिक दल के सदस्य होंगे और ना ही किसी राजनीतिक आंदोलन या कार्यकलाप पर भाग लेंगे। वह किसी भी राजनीतिक दल की सहायता के लिए चंदा नहीं देंगे। किसी भी राजनीतिक धर्मनिरपेक्षता विरोधी सांप्रदायिक गतिविधि का समर्थन नहीं करेंगे ।ना ही उसे सब्सक्राइब कर अपने पोस्ट ट्वीट ब्लॉग आदि के माध्यम से उसका समर्थन करेंगे। कार्यालय यह विभाग के कार्यों से संबंधित किसी भी संवेदनशील या गोपनीय सरकारी सूचना को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा नहीं करेंगे। ऐसी कोई सूचना साझा नहीं करेंगे,जो राष्ट्रीय सुरक्षा गोपनीयता एवं सरकार के हित से समझौता कर सकती है। किसी भी राजनीतिक गतिविधि या कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे। सोशल मीडिया अकाउंट के डीपी प्रोफाइल पर किसी भी संगठन राजनीतिक दल का संबंध प्रतीक चिन्ह नहीं लगाएंगे। सोशल मीडिया का उपयोग करके आर्थिक लाभ अगर मिलता है तो इसकी सूचना देंगे। न्यायालय द्वारा पारित ऐसे किसी आदेश के संबंध में कोई भी चीज़ साझा नहीं करेंगे जिससे न्यायालय की अवमानना की स्थिति उत्पन्न होती हो ।ऑनलाइन पोल या वोटिंग में भाग नहीं लेंगे। ना ही इस संबंध में टिप्पणी करेंगे। विचार को साझा करते समय ध्यान रखेंगे कि वे सरकारी सेवक है और नियमावली उनके ऊपर लागू है। ऐसे पोस्ट को साझा करने से बचेंगे जो आपत्तिजनक भेदभावपूर्ण एवं राजनीतिक हो। सरकार की किसी नीति और कार्रवाई की चर्चा आलोचना नहीं करेंगे। अपराधिक अनैतिक एवं अपमानजनक आचरण या वैसे कार्य जो सरकार की छवि को धूमिल करता है उसमें शामिल नहीं होंगे।


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