भाजपा के बागी निर्दलीय विधायक व पूर्व कैबिनेट मंत्री सरयू राय ने कहा कि भाजपा मूलचंद के कारण हारी है रघुवर दास को उन्होंने पृथ्वीराज चौहान बताया और कहा कि जयचंद को ना खोजे उनको मूलचंद को खोजना चाहिए उन्होंने बताया कि आज भाजपा जहां पहुंची है उसका सबसे बड़ा कारण उनके कार्यकर्ता है। जब वह रघुवर दास पहले कार्यकर्ता को चिरकुट कहते थे आज जयचंद कहने लगे हैं उनको पार्टी के कार्यकर्ताओं से माफी मांगनी चाहिए सरयू राय ने गुरुवार को रांची स्थित अपने आवास पर उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करने के क्रम में कहा कि रघुवर छोटी-बड़ी जांच कर वाले जमशेदपुर में इनके लोगों का क्या कहर था ठेला खोमचा तक को नहीं छोड़ा , यहां तक कि पत्रकारों की भी पिटाई की गई।

गृह सचिव को 7 पत्र लिखे गए लेकिन जांच एक भी नहीं हुई बीजेपी को चार पत्र लिखे गए लेकिन एक भी रिपोर्ट की जांच नहीं की गई मोदी परिवारवाद की बात करते हैं यहां दीपक तले अंधेरा था। मुख्यमंत्री ने जेब में पार्टी को रख लिया था कार्यकर्ताओं की अवहेलना हुई तो वह निष्क्रिय हो गए। जमशेदपुर से वीडियो मंगवा कर देेेख ले भाजपा के आधे कार्यकर्ता हमारे साथ घूम रहे थे। उन्होंने यह भी कहा कि बड़े पोस्टर छपवाए गये थे प्राण जाए पर वचन न जाए ।

उन्होंने कहा कि भाजपा बड़ी पार्टी है लोग आते जाते रहते हैं परंतु परंपरा ,सिद्धांत ,नीति और आदर्श छोड़ देने से फर्क जरूर पड़ेगा । सरयू राय ने बातचीत के क्रम में यह भी बताया कि मैंने टिकट नहीं मांगा था परंतु फिर भी मुख्यमंत्री ने मुझे टिकट नहीं देने पर वीटो लगा दिया लेकिन पार्टी से हमने कभी कुछ नहीं मांगा परंतु पार्टी ने हमें सब कुछ दिया ,सम्मान दिया, पद दिया । मैं पार्टी का इसके लिए मैं पार्टी के प्रति उनका आभार व्यक्त करता हूं । मैंने इस बार भी टिकट नहीं मांगा था मेरा यह आखरी चुनाव होता मैंने यह भी स्पष्ट रूप से कह दिया था लेकिन मुख्यमंत्री ने मेरे टिकट को ही प्रतिष्ठा का सवाल बना दिया मैंने राजनाथ सिंह से कहा था कि सूची पर सूची जारी हो रही है पर मेरा नाम नहीं है अगर टिकट नहीं मिला तो मैं पूर्वी से चुनाव लड़ लूंगा।

मुझे आश्चर्य हुआ कि जो 25 साल का विधायक है वह जनता के बीच में इतना अत्यधिक अलोकप्रिय कैसे हो सकता है। बातचीत के क्रम में उन्होंने यह भी बताया कि 86 बस्तियों के कानूनी हक मिले इसके लिए वह हर संभव प्रयास करेंगे । साथ ही साथ उन्होंने कहा कि इसके पहले भी मैंने एक प्राइवेट बिल लाया था इसके माध्यम से इसके माध्यम से इसे रेगुलराइज किया जा सकता है की यह मामला पूरे झारखंड की समस्या है । 50- 60 वर्षों से लोग मकान बनाकर रह रहे हैं। सरकार ने यँहा पानी- बिजली दी जिसमे कोई विवाद नहीं हुआ । कुछ घरों को तोड़ा गया इसका आक्रोश सरकार ने झेल लिया है ।

मुख्यमंत्री ने 30 में से 16 विभाग अपने पास रखे थे मुझे उन्होंने जो दिया उसमें मैंने संतोषजनक काम भी किया मैं प्रदेश अध्यक्ष या राष्ट्रीय अध्यक्ष को खुश करने के लिए काम नहीं कर सकता था। मैंने मुख्यमंत्री को कहा यह भी कहा था कि माइनिंग विभाग जिस रास्ते पर चल रही है वह मधु कोड़ा का रास्ता है परंतु सुनील वर्णवाल दलील दे रहे थे कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश ओड़िशा के लिए है मैंने समझाया कि पूरे देश में सुप्रीम कोर्ट का आदेश मान्य होगा परंतु मेरी बात नहीं मानी गई। उससे संबंधित सारे कागजात आज भी मेरे पास है।