22 नवंबर से भारत-बांग्लादेश के बीच कोलकाता में खेला जाएगा पहला डे-नाइट पिंक बॉल टेस्टसचिन तेंदुलकर की सलाह- नई और पुरानी पिंक बॉल से प्रैक्टिस करें खिलाड़ीचेतेश्वर पुजारा और रविचंद्रन अश्विन ने पिंक बॉल से खेलने को चुनौती बताया
Dainik Bhaskar
Nov 17, 2019, 08:01 AM IST
इंदौर. 22 नवंबर से कोलकाता में होने वाले पहले डे-नाइट टेस्ट (पिंक बॉल) की प्रैक्टिस के लिए भारतीय टीम दो दिन और इंदौर में ही रुकेगी। इस दौरान टीम शाम के वक्त फ्लड लाइट में पिंक बॉल से प्रैक्टिस करेगी।भारतीय क्रिकेट टीम के अलावा बांग्लादेशी टीम ने भी यहीं रुककर पिंक बॉल से प्रैक्टिस का फैसला किया है। प्रैक्टिस के दौरान खिलाड़ियों के लिए पिंक बॉल टेस्ट जैसा माहौल तैयार किया जाएगा। खिलाड़ी सेंटर विकेट पर पिंक बॉल से प्रैक्टिस करेंगे, ताकि असल मैच के दौरान पिंक बॉल कैसी दिखेगी, उसे परख सकें।
भारतीय क्रिकेट टीम का पूरा ध्यान शाम के वक्त पिंक बॉल से प्रैक्टिस पर है, क्योंकि इस वक्त फ्लड लाइट में इस बॉल को देखना आसान नहीं रहता। टीम मैनेजमेंट से जुड़े एक करीबी ने एक न्यूज एजेंसी को ये बताया कि हम शाम के वक्त पिंक बॉल से प्रैक्टिस करेंगे। क्योंकि हम अभी यह नहीं जानते कि इस वक्त पिंक बॉल का रुख कैसा रहेगा।
शाम के वक्त पिंक बॉल को देखना मुश्किल : पुजारा
दलीप टॉफी में पिंक बॉल से खेल चुके चेतेश्वर पुजारा के मुताबिक, शाम के वक्त इसे देखना चुनौती होता है, क्योंकि उस वक्त आसमान हल्का नारंगी हो जाता है। इसके चलते पिंक गेंद देखने में मुश्किल होती है। हालांकि, आप जितना इस गेंद से खेलेंगे, उतना इसे देखना आसान हो जाएगा। हाल में रविचंद्रन अश्विन ने भी इस बात को दोहराया था कि, कभी-कभी ये गेंद नारंगी नजर आती है। पिंक बॉल से खेलना किसी चुनौती से कम नहीं हैं। मैंने अब तक इस बॉल से गेंदबाजी नहीं की है। कई बार मैं ये नहीं समझ पाता हूं कि ये गुलाबी है या फिर नारंगी।