गौरतलब है कि 4 जनवरी को होने वाली विभागीय परीक्षा के संबंध में अवर वन सेवा संघ ने राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन व डीके तिवारी को ज्ञापन सौंपा जिसमें उन्होंने बताया कि तत्काल इस विभागीय परीक्षा को रोक दिया जाए और कहा कि अगर इस विभागीय परीक्षा पर रोक नहीं लगाई गई तो वे बहिष्कार करेंगे . बता दें कि 2 जुलाई 2018 में वेतन वृद्धि एवं सेवा संपुष्टि से संबंधित मांग की गई थी।

सेवानिवृत्त कर्मियों ने संविदा के आधार पर वनपाल व वन क्षेत्र पदाधिकारी पर नियुक्ति पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है प्रतिनिधिमंडल में संघ के प्रदेश अध्यक्ष कामेश्वर प्रसाद ,मनोरंजन कुमार ,नारायण महतो समेत अन्य लोग मौजूद थे।

उन्होंने कहा कि नियमावली में कंडिका अट्ठारह में वर्णित विभाग की परीक्षा प्रशिक्षण के दौरान वनपाल प्रशिक्षण विद्यालय द्वारा ली गई है लिखित परीक्षा में उत्तीर्ण घोषित होने के बाद भी उन्हें 4 जनवरी को विशेष परीक्षा देना हैं उन्होंने इसे अनुचित बताया। बता दे कि झारखंड और बिहार सेवा संहिता में इस तरह का विशेष परीक्षा का कोई भी प्रावधान नहीं है।