Vks jharkhand aaj tak
राँची, झारखंड।
“नवा बिहान कम्युनिटी डेवलपमेंट प्रोग्राम” के तत्वावधान में आज बी.डी. पब्लिक स्कूल, पंडरा, राँची में एक विशेष वर्कशॉप का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य था – छात्रों के क्रिएटिव माइंड को विकसित करना और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में उनकी जिम्मेदारी को जागरूक करना।
कार्यक्रम में छात्रों, शिक्षकों, और अभिभावकों की बड़ी भागीदारी देखी गई। यह आयोजन न केवल एक शैक्षणिक गतिविधि था, बल्कि एक ऐसा मंच भी बना जहाँ शिक्षा, नवाचार और सामाजिक जिम्मेदारी एक साथ जुड़ते नज़र आए।
SRM इंजीनियरिंग कॉलेज से आए इंटर्न श्री हर्षित राज की प्रेरक प्रस्तुति
वर्कशॉप की शुरुआत SRM इंजीनियरिंग कॉलेज से इंटर्नशिप के लिए आए छात्र श्री हर्षित राज द्वारा की गई। उन्होंने “कैसे बच्चों का क्रिएटिव माइंड विकसित किया जाए” इस विषय पर अत्यंत प्रेरणादायक विचार साझा किए।
श्री हर्षित ने बताया,
“हर बच्चा जन्म से ही रचनात्मक होता है। हमें बस उनके सोचने के दायरे को सीमाओं से मुक्त करना है। कहानी, ड्राइंग, साइंस एक्टिविटी, गेम-बेस्ड लर्निंग — ये सब बच्चों को सोचने, बनाने और सवाल करने की शक्ति देती हैं।”
उन्होंने छात्रों के साथ संवाद कर उन्हें टीमवर्क, डिजाइन थिंकिंग और समस्या-समाधान जैसे कौशलों से भी परिचित कराया। बच्चों ने उनके साथ मिलकर कुछ क्रिएटिव प्रोजेक्ट आइडिया भी तैयार किए, जिससे उनकी सोचने की क्षमता और आत्मविश्वास में जबरदस्त वृद्धि देखने को मिली।
स्कूल के डायरेक्टर श्री आलोक पांडेय जी का प्रेरक मार्गदर्शन
बी.डी. पब्लिक स्कूल के डायरेक्टर श्री आलोक पांडेय जी ने कार्यक्रम में उपस्थित छात्रों और शिक्षकों को पर्यावरण संरक्षण के विषय पर जागरूक करते हुए कहा:
“आज जल, जंगल और जमीन संकट में हैं, और इनका समाधान हमारे बच्चों के हाथों में है। यदि हम आज इन्हें पर्यावरण के प्रति जागरूक बना दें, तो आने वाली पीढ़ियाँ एक सुरक्षित और स्वच्छ पृथ्वी पर जीवन जी सकेंगी।”
उन्होंने बताया कि कैसे विद्यार्थी स्कूल स्तर से ही छोटे-छोटे कदमों जैसे —
. पानी की बर्बादी रोकना
. प्लास्टिक का उपयोग कम करना
. पेड़ लगाना और उसकी देखभाल करना
. जैविक अपशिष्ट का पुनर्चक्रण (recycling)
जैसी आदतों को अपनाकर बड़ा बदलाव ला सकते हैं।
उनके शब्दों में जुनून और अनुभव झलक रहा था, जिसने बच्चों में पर्यावरण को लेकर जिम्मेदारी की भावना जगा दी।
नवा बिहान के फाउंडर श्री आर. अजय जी की प्रेरक घोषणा
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता नवा बिहान के संस्थापक श्री आर. अजय जी ने वर्कशॉप में उपस्थित सभी को “नवा बिहान” की व्यापक योजना से अवगत कराया।
उन्होंने कहा,
“नवा बिहान का उद्देश्य सिर्फ शिक्षा देना नहीं, बल्कि एक नई सोच और नया आत्मविश्वास पैदा करना है। हम चाहते हैं कि गाँव और शहर का हर बच्चा अपने जीवन का सपना देखे और उसे पूरा करने की ताकत भी पाए।”
श्री अजय जी ने बच्चों को बताया कि नवा बिहान के माध्यम से अब छात्रवृत्ति, स्टेशनरी सहायता, स्किल ट्रेनिंग और मेंटरशिप जैसे विविध कार्यक्रमों की शुरुआत की जा चुकी है। उन्होंने यह भी साझा किया कि आने वाले समय में नवा बिहान हर जिले के स्कूलों से जुड़ कर छात्रों और अभिभावकों तक अपनी योजनाएं पहुँचाएगा।
उन्होंने उपस्थित इंटर्न्स को भी विशेष धन्यवाद दिया कि वे तकनीकी पृष्ठभूमि से आने के बावजूद समाज सेवा के क्षेत्र में रुचि दिखा रहे हैं और शिक्षा को वास्तविकता से जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं।
छात्रवृत्ति योजना: बच्चों को सपनों के लिए पंख
कार्यक्रम के अंत में बच्चों को नवा बिहान द्वारा प्रदान की जा रही छात्रवृत्ति योजना की जानकारी दी गई। इस योजना के अंतर्गत:
आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभावान छात्रों को वर्ष भर की स्कॉलरशिप
स्टेशनरी, स्कूल बैग, और किताबें
विशेष कोचिंग वर्कशॉप और करियर गाइडेंस
डिजिटल लर्निंग सहायता (मोबाइल/टैब आधारित शिक्षा)
दी जाती है, जिससे बच्चे बिना किसी आर्थिक बाधा के पढ़ाई कर सकें।
इस मौके पर कई विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए और बताया कि कैसे नवा बिहान की मदद से उनकी पढ़ाई आसान हुई और उन्हें आगे बढ़ने का हौसला मिला।
नवा बिहान – केवल एक प्रोग्राम नहीं, एक जनआंदोलन
यह वर्कशॉप इस बात का प्रमाण बन गया कि यदि शिक्षा, पर्यावरण और सामाजिक भागीदारी को एक साथ जोड़ दिया जाए, तो बदलाव निश्चित है।
नवा बिहान की इस पहल ने दिखाया कि तकनीकी छात्र (इंटर्न), शिक्षक, सामाजिक कार्यकर्ता और स्कूली बच्चे मिलकर कैसे एक सकारात्मक समाज का निर्माण कर सकते हैं।
आगे की योजना
नवा बिहान आने वाले समय में:
और अधिक स्कूलों में इनोवेटिव एजुकेशन वर्कशॉप करेगा
पर्यावरण क्लब्स की स्थापना करेगा
महिलाओं के लिए स्किल ट्रेनिंग और सेल्फ हेल्प ग्रुप्स बनाएगा
छात्रों के लिए डिजिटल एजुकेशन सेंटर लॉन्च करेगा
“एक नई सुबह की शुरुआत यहीं से होती है – जब सोच बदलती है, तो समाज बदलता है।”
– नवा बिहान