Nitusingh jharkhand aajtak in
वक्फ समिति के संसदीय समिति के अध्यक्ष जगदंबिका पाल है. समिति वक्फ भूमि पर अवैध रूप से कब्जा करने या उसका दुरुपयोग करने के दोषी पाए जाने वाले के लिए कितना दंड दिया जाए इसे लेकर एक रिपोर्ट पेश की है. इसमें वक्फ संपत्ति के प्रबंधन को आधुनिक और सुव्यवस्थित बनाना है. सबसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव में से कानून का नाम बदलकर यूनिफाइड वक़्फ मैनेजमेंट एंपावरमेंट एफिशिएंसी एवं डेवलपमेंट एक्ट 1995 करना है.भारत में 32 वक़्फ बोर्ड है .दो उत्तर प्रदेश में और दो बिहार में है .सबसे ज्यादा संपत्ति वाले पांच राज्य जो बोर्ड के पास है उसमें उत्तर प्रदेश पश्चिम बंगाल तमिलनाडु कर्नाटक और पंजाब है. पुराने कानून में वक्फ ट्रिब्यूनल का फैसला ही आखिरी फैसला माना जाता था लेकिन नए कानून में फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट जाया जा सकता है. पुराने कानून में दावे के साथ ही बोर्ड की हो जाती थी संपत्ति.नए कानून में दान दिए बिना संपत्ति वक्फ की नहीं होगी. पुराने कानून के बोर्ड में महिला व अन्य धर्म के सदस्य नहीं थे नए प्रस्ताव में बोर्ड में महिला और दो गैर मुस्लिम सदस्य होंगे. संपत्ति का 6 महीने में पोर्टल पर पंजीकरण जरूरी होता. संपत्ती नोटिफाई करने के 15 दिन के भीतर पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा .दान की संपत्ति अधिसूचित होने के 2 साल के भीतरी कोर्ट में चैलेंज किया जा सकता है.