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जमशेदपुर में सिद्धगोड़ा स्थित आरोग्यं हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में आज एक दृश्य देखने को मिला ,जिसमें वकील के सामने पुलिस की मौजूदगी में आज एक्शन हुआ और नीलामी के बाद सील भी कर दिया गया, 4 करोड़ रूपया बैंक का आरोग्यं हॉस्पिटल पर बाकी है, इसके बाद यह मुकदमा चल रहा था. 2 साल बाद डीआरटी रांची के निर्देश पर आज यह प्रक्रिया पूरी हो गई, डीआरटी के वकील एवं सहायक कमिश्नर के रूप में अमानत खान ने जानकारी देते हुए बताया कि यह लोन बैंक ऑफ़ बड़ोदा बिष्टुपुर ब्रांच से लिया गया था लेकिन इस अस्पताल के संचालक मुन्नी देवी और हरिप्रसाद के द्वारा बैंक का कर्ज नहीं चुकाया गया इसके बाद 2016 में ही बैंक के ऊपर जब बकाया बढ़ गया था तो बैंक ने अस्पताल के ऊपर में केस कर दिया. 2016 में यह मामला डीआरटी रांची में चला गया इसके बाद पेपर पब्लिकेशन के बाद प्रोसिडिंग में चला. 2022 में नीलामी की प्रक्रिया हो गई थी .इसके बाद प्रदीप कुमार डीडवानी ने एक करोड़ 75 लाख में पूरा किया और वह डीआरटी को जमा कर दिया .अब इसके मालिक प्रदीप कुमार डीडवानी बन गए हैं. जो सिर्फ एक करोड़ 75 लाख में आरोग्यं हॉस्पिटल को खरीदी है .आज मजिस्ट्रेट ने इसे हैंडोवर प्रदीप कुमार डीडवानी को कर दिया .सारा सामान भी हॉस्पिटल का जप्त कर लिया गया है .इसका कोई विरोध भी नहीं हुआ और पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से हो गई बताया जाता है कि अस्पताल खोलने के पहले बहुत बड़ी पैमाने पर लोन लिया गया था लेकिन जिसे बाद में नहीं चुकाया जा सका.