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आगामी 5 नवंबर 2022 को झारखंड के तमाम छात्र एवं छात्राओं ने मिलकर ट्विटर के माध्यम से सरकार को यह जताने का फैसला किया है, विगत कई वर्षों से झारखंड में वैकेंसी नहीं निकल रही है एवं जो वैकेंसी निकलती है तो हजारों छात्र form भरने से वंचित रह जाते हैं इसलिए आने वाली झारखंड की किसी भी ग्रेड की वैकेंसी चाहे वह jpsc से हो या जेएसएससी से उसमें कम से कम 5 वर्ष से लेकर 7 वर्ष तक का लाभ विद्यार्थियों को दिया जाए .
छात्र छात्राओं ने झारखंड अबतक से बातचीत करते हुए कहा कि झारखंड के पड़ोसी राज्य में सभी वैकेंसी में 7 वर्ष की छूट मिली है लेकिन झारखंड में जो वैकेंसी निकाली जा रही है या निकाली जाने की योजना है उसमें वर्तमान वर्ष को कट off उम्र सीमा तिथि में रखा जाता है, जिससे हजारों छात्र-छात्राओं को नुकसान हो रहा है. छात्र-छात्राओं ने इसके लिए 5 नवंबर 2022 को 10 am ट्विटर आंदोलन की शुरुआत की है, जिसमें उम्र छूट संबंधी सरकार से रिक्वेस्ट की जा रही है. छात्र-छात्राओं ने कहा है कि इस अभियान से सरकार पर एक धनात्मक सोच विकसित होगा और सरकार उनके बारे में सोचें. कुछ छात्र छात्राओं ने यह भी कहा कि पहले स्थानीय नीति को भी स्पष्ट रूप से बना देना चाहिए और उसके बाद झारखंड में वैकेंसी लाना चाहिए . गौरतलब है कि पिछले कई वर्षों से सोनी कुमारी के केस के बाद रमेश hansda केस के कारण झारखंड में नौकरी लंबित हो गई है जिसके चलते यहां के छात्र – छात्राओं को दूसरे राज्य में वैकेंसी की तलाश करनी पड़ रही है. इसके मद्देनजर सरकार को अपनी स्थानीय नीति में परिवर्तन करके इसे स्पष्ट रुप से लागू कर देना चाहिए और जिसके बाद ही वैकेंसी लाना चाहिए. छात्र-छात्राओं ने बताया कि इस कार्यक्रम में बोकारो के राजेश ओझा ,रांची से स्मृति ऐश्वर्या जमशेदपुर से विनय आईएएस अकैडमी, धनबाद से कुणाल प्रताप सिंह ,रांची से रमेश लाल ,उड़ान आईएएस अकैडमी, पतंजलि अकैडमी सहित अन्य संस्थानों ने अपना समर्थन दिया है .धनबाद के विकास सिंह, विशाल सिंह बोकारो से सुरेंद्र प्रजापति, विकास चौबे ,गुलाम हुसैन रांची से देवेंद्रनाथ महतो, मनोज यादव, Jharkhand यूथ एसोसिएशन एवं झारखंड स्टूडेंट एसोसिएशन ने भी अपना समर्थन दिया है