सूची में दोबारा हिंदी को शामिल किया जा सकता है
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abtaknews.live
जेएसएससी स्नातक स्तरीय परीक्षा संचालन नियमावली 2021 में हिंदी भाषा को दोबारा से जोड़ने पर पुनर्विचार कर सकती है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन और जस्टिस उदित नारायण प्रसाद की राज्य सरकार को लिखित रूप में बात रखने को कहा।
आइए जाने की सरकार को कैसे पता चला कि हिंदी हटा देना चाहिए,
खंडपीठ ने मौखिक रूप से सरकार के अधिवक्ता से रोहतगी से पूछा की नियमावली से हिंदी भाषा को हटाने का आधार क्या है क्या ऐसा कोई सर्वे किया गया है जिससे यह पता चले कि झारखंड में हिंदी बोलने वालों की संख्या कम हो गई है तथा क्षेत्रीय भाषा बोलने वालों की संख्या अधिक हो गई है आखिर में सरकार को यह कैसे पता चल गया कि हिंदी को हटा देना चाहिए और सरकार इसे पूरी तरीके से कैसे सहमति जता सकती है कि हिंदी भाषी लोग यहां नहीं है नियमावली मैं स्थानीय रीति रिवाज भाषा और परिवेश की जानकारी होना अनिवार्य बताया गया है तो यह कैसी जानकारी होनी चाहिए यह बहुत सारे ड्राइवर है उनका कस्टम भी अलग अलग है वैसी स्थिति में या कैसे पता चलेगा कि किस कस्टम की जानकारी पूर्ण होनी चाहिए।
इस मामले में अगली सुनवाई 20 जुलाई को दोपहर 2:00 बजे होगी इससे पूर्व राज्य सरकार की ओर से खंडपीठ को यह बताया गया कि कार्मिक विभाग से जानकारी दी गई है कि 62 अभ्यर्थियों को समायोजित नहीं किया जा सकता है। हाईकोर्ट ने छठी जेपीएससी की मेरिट लिस्ट और अनुशंसा को रद्द कर के अनुसार 30326 अभ्यर्थियों की नियुक्ति को अमान्य घोषित कर दिया।