आंशिक लॉकडाउन में कोचिंग क्लास बंद करने का हुआ विरोध
कोचिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया के तत्वाधान में आम बागान साकची में आज एक प्रेस वार्ता आयोजित की गई. जिसमें यह बताया गया कि आंशिक लोक डाउन के समय झारखंड के सभी कोचिंग क्लासेज को बंद कर देना गलत है .सरकार से यह गुजारिश की गई कि कोचिंग इंडस्ट्री पहले से ही मंदी की मार झेल रहा है, ऐसे में आर्थिक तंगहाली कई शिक्षकों के साथ उत्पन्न हो गई है .वर्तमान संदर्भ में यह कहना है कि सिर्फ 25% स्टूडेंट को लेकर और डबल वैक्सीनेशन जो लोग करवा लिए हैं उन छात्र-छात्राओं के साथ क्लास करवाने की अनुमति दी जाए .हाल ही में झारखंड में कई परीक्षाएं होने वाली है. इसे लेकर विद्यार्थी एवं अभिभावक भी सशंकित हैं कि उनका भविष्य क्या होगा.
इस मुद्दे को लेकर कोचिंग संघ के प्रतिनिधि शनिवार को झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री व आपदा प्रबंधन मंत्री श्री बन्ना गुप्ता जी से मुलाकात करके पूरी जानकारी देंगे.
कार्यक्रम में विनय आईएएस अकैडमी के विनय सिंह ,श्रीमन क्लासेस के श्रीमन्नारायण , चाणक्य करियर अकैडमी के सुजीत कुमार झा ,मीट जी के कृष्णा बनर्जी ,मिस्ट प्लस के राजेश तिवारी ,आर्या आईएस के अमरेश कुमार सिंह, विजय एकेडमी के विजय कुमार, एससीपीआई के विजय मिश्रा, टाइम कोचिंग के रवि भूषण, nac कोचिंग के रवि कुमार, महिंद्रा कोचिंग के विवेक मिश्रा, द्रोणा कोचिंग के अमरेंद्र कुमार
नारायणा आईआईटी के श्याम भूषण, अरूप डे सरकार, शार्प कंप्यूटर के संतोष कुमार, कैरियर लांचर के संदीप कुमार, इंग्लिश क्लासेस के अनिल थापा, कंप्यूटर क्लासेस के अनुज कुमार, क्वांटिमैट्रिक्स के रंजन कुमार, कॉमर्स क्लासेज के गणेशन सहित अन्य कोचिंग संचालक शामिल हुए. सभी का यह कहना था कि सरकार को अविलंब इस दिशा में पहल करनी चाहिए. अगर संपूर्ण लॉक डाउन लग जाता है तो ऐसे में कोचिंग संचालक सरकार के साथ खड़े होंगे लेकिन प्रत्येक बार कोचिंग इंडस्ट्री को ही अचानक से बंद कर देना कहां तक तर्कसंगत है .अगर उनकी बात नहीं मानी गई तो कोचिंग संचालकों ने कहा है इसके लिए वे जनहित याचिका उच्च न्यायालय में डालेंगे.
