बीपीएससी ने निकाली नई टेक्नोलॉजी, अब नहीं होगी धोखाधड़ी परीक्षा लिखने वाले और साक्षात्कार देने वाले का ऐसे होगा मिलान
Abtaknews.live Nitusingh
बिहार लोक सेवा आयोग बीपीएससी ने अभ्यर्थियों की सत्यता की जांच करने के लिए एक नई टेक्नोलॉजी का विकास किया है. इसमें आंख की अंदर की पुतली से यह पता चल जाएगा की प्रारंभिक परीक्षा में बैठने वाला छात्र या छात्रा इंटरव्यू देने के लिए भी आया है अथवा प्रारंभिक परीक्षा में उसके बदले कोई और परीक्षा लिखा है.
जानकारी के मुताबिक बीपीएससी ने प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा में प्रत्येक छात्र छात्रा के आंखों की पुतली को स्कैन करके डाटा सुरक्षित कर लेगा और साक्षात्कार के समय देखेगा कि यह डाटा उस से मिलता है या नहीं मिलता है. इससे धोखाधड़ी में रोक लग जाएगी.
अगर किसी भी स्तर पर डाटा में किसी प्रकार का अंतर दिखाई देगा तो सीधे तौर पर उम्मीदवार पर प्राथमिकी दर्ज करा देगी. बिहार लोक सेवा आयोग के संयुक्त सचिव एवं परीक्षा नियंत्रक अमरेंद्र कुमार ने बताया कि आयोग इस बार पूरी पारदर्शिता के साथ परीक्षा लेने की तैयारी कर रहा है. जिसमें तकनीक कई स्तर पर सहारा बनेगा. अब बीपीएससी सिर्फ अपनी प्रारंभिक मुख्य परीक्षा के अलावा प्राध्यापक परीक्षा एवं दूसरी परीक्षा में भी इसी टेक्नोलॉजी को प्रयोग करेगा. इसके साथ-साथ सभी परीक्षा केंद्र पर जैमर लगाए जाएंगे. परीक्षा में इलेक्ट्रॉनिक गैजेट से किसी भी प्रकार का अगर धोखाधड़ी होता है तो उसे रोका जाएगा जैसा कि आप जानते हैं कि आयोग में कॉपी का मूल्यांकन और साक्षात्कार कोड पर आधारित होता है .कॉपी की पहचान गोपनीय रखने के लिए तीन स्तर पर अलग-अलग कोडिंग कर दी जाती है. प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा का रिजल्ट भी कोड पर ही आधारित करके जब फाइनल रिजल्ट बनाया जाता है उस समय इसे डिकोड किया जाता है. इसी प्रकार से साक्षात्कार के समय सभी उम्मीदवार का नाम से जुड़ा हुआ व्यक्ति के जानकारी को भी गोपनीय रख दिया जाता है .सभी अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के दौरान एक कोड दिया जाता है