कार्यवाहक मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा 5 वर्षों में उनकी सरकार पर कोई दाग नहीं है कि उन्होंने भी बिचौलियों का राज खत्म किया है उन्होंने कहा कि हमारी सरकार में बिचौलिए नहीं थे जयचंद हर जगह होते थे और हम जयचंदों के कारण ही हारे हैं।

अटल जयंती के मौके पर उन्होंने पत्रकार से एक कविता का जिक्र किया जिसे स्वर्गीय बाजपेई द्वारा बार-बार दोहराया करते थे : क्या हार में क्या जीत में किंचित नहीं भयभीत मैं …..उन्होंने कहा कि अटल जी कहते थे कि कार्यकर्ता ऐसा पद है जो छीना नहीं जा सकता उसे तत्परता के साथ में राज्य के लिए काम करूंगा। परंतु पिछले 14 साल से हमने बिचौलियों का राज खत्म किया।

चुनाव के दौरान किसी के पास कोई मुद्दा ना होने की वजह से मेरे खिलाफ दुष्प्रचार किया गया मुझे गुस्सैल व घमंडी बताया गया । मेरा परिवार छत्तीसगढ़ी और जाति मेरा जाति विशेष कहा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कभी-कभी षड्यंत्र सफल हो जाता है लेकिन षडयंत्र द्वारा हासिल सफलता क्षणिक होती है । मैं संघर्ष कर यहां तक पहुंचा हूं।

साथ ही साथ यह भी कहा कि आज मैं खुली चुनौती देता हूं, जमशेदपुर में मैं और मेरे परिवार की दूसरी कोई संपत्ति बता दें। मैं सत्ता में पैसे कमाने नहीं आया सेवा भाव से आया हूं हमारे परिवार पर आरोप लगाया गया , व्यक्तिगत आरोप से राजनीति नहीं चलती साथ उन्होंने यह भी कहा कि मैंने पूरी ईमानदारी के साथ काम किया है, 1 दिन भी छुट्टी नहीं ली ईमानदार सरकार दी। जनता का आदेश स्वीकार है मुझे।