हाल ही में फिक्की के द्वारा तिमाही सर्वे किया गया जिसमें मैनुफैक्चरिंग क्षेत्र में सुधार हुआ है इससे पता चलता है कि एक तिमाही तिमाही पहले की तुलना में काफी सुधार हुई है । फिक्की द्वारा किए गए सर्वेक्षण में 10% प्रतिभागियों ने अधिक उत्पादन की बात की थी जो सितंबर के तिमाही में बढ़कर 24 प्रतिशत हो गया । इसके साथ ही कम से कम व समान उत्पादन की बात कहने वाले प्रतिभागियों का प्रतिशत इस दौरान 90% से घटकर 74% हो गया। सर्वेक्षण में शामिल 80% प्रतिभागियों ने कहा है कि अगले 3 महीनों तक अतिरिक्त लोगों को काम पर नहीं रखने वाले हैं।
गौरतलब है कि देश में लॉक डाउन लगाए जाने के बाद नौकरियों में काफी गिरावट देखने को मिली थी। जिसमें अब सुधार हो रही है। नौकरियों से संबंधित सेवाएं देने वाले स्टार्टअप कंपनी वाहन के अनुसार खाद्य एवं किराना डिलीवरी खंड में ब्लू कॉलर नौकरियों की मांग कोविड-19 से पहले के स्तर पर वापस आ चुकी है डिलीवरी खंड अब हर महीने ढाई से तीन लाख से तीन लाख से तीन लाख नौकरियां प्रदान कर रहा है साथ ही मैन्युफैक्चरिंग को और बीपीओ क्षेत्र में भी नौकरियों की डिमांड दिनों दिन बढ़ रही है।
केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा 10 सेक्टर्स के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव योजना की मंजूरी दी गई है । इनमें ऑटोमोबाइल और ऑटो पार्ट्स, दूरसंचार एवं नेटवर्किंग उत्पाद, कपड़ा ,खाद्य उत्पाद ,सेल बैटरी, व्हाइट उत्पाद, इस्पात ,सोलर माड्यूल, फार्मास्युटिकल्स आदि शामिल है