विश्व के किस देश ने सबसे पहले फेशियल वेरिफिकेशन शुरू किया है? विश्व प्रतिस्पर्धा में भारत का कौन सा रैंक है?

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राष्ट्रीय पहचान डेटाबेस में फेशियल वेरिफिकेशन करने वाला पहला देश सिंगापुर:-
इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड डेवलपमेंट वर्ल्ड कॉम्पिटिटिवनेस सेंटर द्वारा तैयार किये गये विश्व प्रतिस्पर्धी सूचकांक, 2020 में सिंगापुर प्रथम स्थान पर रहा।अपने राष्ट्रीय डेटाबेस में इस प्रौद्योगिकी को शामिल करने वाला पहला देश बन गया है। सिंगापुर,अपने मजबूत व्यापार और निवेश, आर्थिक प्रदर्शन, श्रम बाजार के उपायों और रोजगार के कारण इसे यह प्रथम स्थान मिला। विश्व आर्थिक मंच ने सिंगापुर को सबसे अधिक प्रतिस्पर्धी माना है क्योंकि 141 देशों में सिंगापुर तीसरा सबसे बड़ा जीडीपी वाला देश है। जीडीपी का अर्थ है किसी भी देश की आर्थिक सेहत को मापने का सबसे जरूरी पैमाना “जीडीपी”(Gross Domestics Products)ग्रास डोमेस्टिक प्रोडक्ट अवधि के दौरान वस्तुओं और सेवाओं के उत्पादन की कुल कीमत है भारत में जीडीपी की गणना हर तीसरे महीने यानी तिमाही आधार पर होती है ध्यान देने देने वाली बात यह है कि यह उत्पाद अन्य सेवाएं देश के भीतर ही होनी चाहिए इसे दो तरह से पेश किया जाता है क्योंकि उत्पादन की लागत महंगाई के साथ घटती बढ़ती रहती है यह पैमाना का कास्टेंट प्राइस इसके तहत जीडीपी की दर और उत्पादन का मूल्य एक आधार वर्ष में उत्पादन की कीमत पर तय होता है होता है।
भारत विश्व प्रतिस्पर्धा सूचकांक 2020 में 43वें स्थान पर है।भारत नाविकों के फेशियल बायोमेट्रिक डेटा को प्रस्तुत करके “Biometric Seafarer Identity Document” पेश करने वाला पहला देश बन गया है। इसे शिपिंग मंत्रालय द्वारा लॉन्च किया गया था। लेकिन बायोमेट्रिक कानून की कमी के कारण पर्याप्त नहीं है।सिंगापुर ग्यारहवां सबसे बड़ा “विदेशी भंडार” वाला देश है।
वैश्विक प्रतिस्पर्धा सूचकांक में भारत68वें स्थान पर है। दूसरे स्थान पर अमेरिका के बाद हांगकांग,और स्विट्जरलैंड का स्थान है।


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