विभिन्न विभागों के जिला कार्यालयों में स्वीकृत पदों पर 10 वर्षों से कार्यरत अस्थाई कर्मचारी को स्थाई किया जाने का प्रावधान है परंतु अब तक उनका स्थायीकरण नहीं किया गया है. बता दें कि ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि अब तक आयुक्त और उपायुक्त दोनों ने ही रिपोर्ट नहीं सौंपा है । 9 जनवरी को इस संबंध में चौथा स्मार पत्र जारी किया गया है इससे पहले भी सितंबर अक्टूबर एवं दिसंबर में यह पत्र जारी किया गया था ।

गौरतलब है कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार वही कर्मी को अस्थाई किया जा सकता है जो पिछले 10 वर्षों से लगातार सेवा प्रदान कर रहे हैं विभाग के सचिव केके सोन ने बताया कि समय पर रिपोर्ट ना मिलने के कारण स्थायीकरण का मामला लटका रह जाता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी आयुक्त एवं उपायुक्त की होगी।