शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास ने व्यवहारिक शिक्षा बढ़ाने पर दिया बल, झारखंड के रांची में हुई बैठक.

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शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास की झारखंड प्रांत स्तरीय बैठक में शिक्षा-संस्कृति के समन्वय पर व्यापक मंथन

शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास की झारखंड प्रांत स्तरीय बैठक दिनांक 11 जनवरी 2026 को वाई. बी. एन. विश्वविद्यालय, उलातू (नामकुम रिंग रोड के समीप), रांची में सफलतापूर्वक आयोजित की गई। बैठक में झारखंड के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों से जुड़े 50 से अधिक वरिष्ठ शिक्षाविदों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
बैठक की अध्यक्षता झारखंड राय विश्वविद्यालय, रांची की कुलाधिपति एवं शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय सह-संयोजक डॉ. सबिता सेंगर नें किया। इस प्रांत बैठक में कुलपति डॉ. पीयूष रंजन, सरला बिरला विश्वविद्यालय, रांची के डीन (प्लानिंग एंड डेवलपमेंट) डॉ. विजय सिंह, वाईबीएन विश्वविद्यालय, रांची के कुलाधिपति डॉ. रामजी यादव, एनआईटी जमशेदपुर के प्रोफेसर डॉ. रंजीत प्रसाद तथा राजकमल सरस्वती विद्यामंदिर, धनबाद के संस्थापक प्राचार्य डॉ. वासुदेव प्रसाद की गरिमामई उपस्थिति रही।
डॉ. सबिता सेंगर ने अपने उद्बोधन में कहा कि शिक्षा केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण और राष्ट्रचरित्र गढ़ने की आधारशिला है। उन्होंने शिक्षा में भारतीय संस्कृति, संस्कार और मूल्यों के समावेश को समय की आवश्यकता बताया।
कुलपति डॉ. पीयूष रंजन ने कहा कि नई शिक्षा नीति के आलोक में शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास की भूमिका और अधिक प्रासंगिक हो गई है। उन्होंने विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के बीच समन्वय, संवाद एवं साझा प्रयासों पर बल दिया।
डॉ. विजय सिंह ने संगठनात्मक सुदृढ़ीकरण पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रांत स्तर से लेकर जिला स्तर तक संपर्क समितियों के गठन से न्यास की गतिविधियाँ व्यापक जनसमर्थन प्राप्त करेंगी। उन्होंने शिक्षकों से इस अभियान को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।
वाईबीएन विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. रामजी यादव ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक शिक्षा प्रणाली से जोड़ना ही शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य है। उन्होंने विश्वविद्यालय की ओर से ऐसे रचनात्मक आयोजनों के लिए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रथम सत्र में सरस्वती वंदना एवं पुष्पार्चन के साथ हुआ। कार्यक्रम का परिचय श्री संजय कुमार प्रभाकर ने प्रस्तुत किया। विषय प्रवेश एवं कार्यशाला की जानकारी श्री महेंद्र कुमार सिंह ने दी। द्वितीय सत्र में संगठनात्मक चर्चा, प्रवास एवं संपर्क समिति गठन पर विचार-विमर्श हुआ, जबकि तृतीय सत्र में आगामी प्रांतीय एवं जिला स्तरीय कार्यक्रमों की रूपरेखा निर्धारित की गई।
कुछ कार्यकर्ताओं को नए दायित्व दिया गया। राष्ट्रपति पुरुस्कार से सम्मानित शिक्षक श्री किशोर प्रसाद को विद्यालयीन शिक्षा का प्रात संयोजक, प्रोफेसर बी एन प्रसाद को तकनीकी शिक्षा का प्रांत संयोजक, एनआईटी जमशेदपुर के प्रो आलोक प्रियदर्शी एवं सरला बिरला विश्वविद्यालय के आदित्य वर्मा को तकनीकी शिक्षा का प्रांत सह-संयोजक, डॉ कनिका प्रसाद को एनआईटी जमशेदपुर के संयोजक का दायित्व दिया गया।
अंत में धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सुमित कुमार पांडेय द्वारा किया गया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के सामूहिक गायन के साथ हुआ।


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