शिक्षा के क्षेत्र में समाज सेवा करता रहूंगा -सेवानिवृत होने के बाद कहा किशोर प्रसाद ने

Share The News

Nitu singh

चाईबासा/​सरायकेला

‘शिक्षा और संस्कृति के उत्थान के लिए समर्पित रहेगा जीवन’ उक्त बातें राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित प्रख्यात शिक्षाविद किशोर कुमार प्रसाद ने अवकाश प्राप्त करनें के अवसर पर आयोजित सम्मान समारोह में ​अपना भावी लक्ष्य साझा करते हुए कही। इस अवसर पर श्रीमती जोबा मांझी ,सांसद पश्चिमी सिंहभूम के द्वारा दीप प्रज्वलन कर समारोह का विधिवत उद्घाटन किया गया। पूर्व विधायक जवाहरलाल बानरा, श्रीमती गीता बालमुचू पूर्व अध्यक्ष चाईबासा नगर पालिका, श्रीमती नीला नाग पूर्व अध्यक्ष चाईबासा नगर पालिका, जूलियानी देवगम, मुखिया , अनूप कुमार सुल्तानिया संस्थापक एवं अध्यक्ष चाईबासा चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज, विकास चंद्र मिश्रा संस्थापक पश्चिमी सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज, राजकुमार ओझा पूर्व अध्यक्ष, पश्चिमी सिंहभूम चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज, राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक मनोज कुमार सिंह, राम राय मेलगांडी, श्रीमती संध्या प्रधान एवं श्रीमती शिप्रा, सरस्वती शिशु विद्या मंदिर के अध्यक्ष रामध्यान मिश्र , एनआईटी जमशेदपुर के सेवा निवृत प्रध्यापक डा. रंजीत प्रसाद साथ ही साथ मोहन कच्छप, प्रांत सह कार्यवाह, डॉ रणवीर ,डॉ. सुनील कुमार एवं शिक्षक निर्मल चंद्र त्रिपाठी, दीपक कुमार प्रजापति ,सुजीत विश्वकर्मा, अनिल कुमार सिन्हा, देवदास, मुकेश प्रजापति, प्रताप कटियार, चंद्र मोहन तियु,अनूप प्रसाद, आशा कुमारी, अनिला सुंडी, कमल लाठ, कृष्णा देवगम
चाईबासा, सरायकेला, जमशेदपुर तथा चक्रधरपुर के शिक्षक शिक्षिका एवं गणमान्य लोग उपस्थित थे।
इस अवसर पर मानस राय शारदा संगीतालय द्वारा स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया ।
मंच संचालन अनंत लाल विश्वकर्मा के द्वारा किया गया ।

श्री किशोर कुमार प्रसाद एक परिचय:

शिक्षा के क्षेत्र में विशिष्ट पहचान बनाने वाले और राष्ट्रीय अध्यापक पुरस्कार (राष्ट्रपति पुरस्कार-2013) से सम्मानित श्री किशोर कुमार प्रसाद (M.Sc, M.Ed.) ने अपने आगामी सामाजिक और शैक्षणिक लक्ष्यों की रूपरेखा साझा की है। झारखंड सरकार द्वारा वर्ष 2022 में सम्मानित शिक्षक के रूप में पहचान बनाने वाले श्री प्रसाद वर्तमान में जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET), गम्हरिया (सरायकेला-खरसावां) में कार्यरत हैं।
​शैक्षणिक पृष्ठभूमि और उपलब्धियां
​टाटा कॉलेज, चाईबासा के स्नातक टॉपर रहे श्री प्रसाद ने रांची विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर (M.Sc) में तृतीय स्थान प्राप्त किया। उन्होंने क्षेत्रीय शिक्षण महाविद्यालय, भुवनेश्वर से बी.एड और एम.एड की डिग्री हासिल की। तकनीकी रूप से दक्ष श्री प्रसाद ने कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा और सॉफ्टवेयर कोर्स भी किया है, जिसे उन्होंने अपनी शिक्षण पद्धति में बखूबी उतारा।
​अनुभव एवं कार्यक्षेत्र
​अपने दीर्घकालिक करियर में उन्होंने जनजातीय बहुल ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर जिला स्कूलों तक अपनी सेवाएं दी हैं। प्राथमिक विद्यालय रामसाई (टोन्टो), जिला स्कूल चाईबासा और मध्य विद्यालय सिंदरी जैसे संस्थानों में उनके योगदान को आज भी सराहा जाता है।
​लेखन और शोध में योगदान
​एक प्रखर लेखक के रूप में उनकी पुस्तक “बेसिक केमिस्ट्री” (नोसन प्रकाशन) काफी चर्चित रही है। इसके अतिरिक्त:
​शोध: झारखंड शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (JCERT) के लिए “प्रोजेक्ट इम्पैक्ट” पर महत्वपूर्ण अध्ययन।
​मॉड्यूल लेखन: स्टेट लीडरशिप एकेडमी के लिए ‘विद्यालयों में दल निर्माण’ और ‘शिक्षा के माध्यम से नैतिक मूल्यों का विकास’ जैसे विषयों पर प्रभावी मॉड्यूल तैयार किए।
​प्रकाशन: वेस्ट मैनेजमेंट और प्राथमिक शिक्षा जैसे विषयों पर उनके लेख राष्ट्रीय स्तर के प्रकाशकों द्वारा प्रकाशित किए गए हैं।
​सामाजिक सक्रियता
​श्री प्रसाद केवल विद्यालय तक सीमित नहीं रहे, बल्कि सामाजिक समरसता के अग्रदूत भी रहे हैं। वे भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी (चाईबासा) के पूर्व अध्यक्ष, चाईबासा पुस्तक मेला समिति के अध्यक्ष और प्रेसिडेंशियल एवार्डी टीचर फोरम के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष जैसी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में रहे हैं। इसके साथ ही वे भारत विकास परिषद, स्काउट एंड गाइड, और शांति समिति (जिला प्रशासन) के माध्यम से समाज सेवा में निरंतर सक्रिय हैं।
​भविष्य की योजना: अवकाश के बाद का संकल्प
​अपनी सेवानिवृत्ति के उपरांत भी श्री किशोर कुमार प्रसाद विश्राम के बजाय समाज निर्माण के कार्य को गति देंगे। उन्होंने निर्णय लिया है कि वे:
​शिक्षा और संस्कृति के उत्थान के लिए निरंतर कार्य करेंगे।
​मानव संसाधन विकास संस्थान के साथ जुड़कर यूथ लीडरशिप कार्यक्रम का संचालन करेंगे।
​युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए कैरियर काउंसलिंग और समाज में युवा-वृद्ध संबंधों को मजबूती प्रदान करने की दिशा में कार्य करेंगे।
​श्री किशोर कुमार प्रसाद का जीवन नई पीढ़ी के शिक्षकों और समाजसेवियों के लिए एक प्रेरणा पुंज है।


Share The News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *