सपनों को हकीकत बनाने के लिए दृढ़ इच्छाशक्ति, कठिन परिश्रम और सही दिशा ही सबसे बड़े हथियार हैं। इसका जीता-जागता उदाहरण बने हैं खूंटी जिले के कर्रा ब्लॉक के अभय कुजूर, जिन्होंने JPSC सिविल सेवा परीक्षा-2023 में राज्य में रैंक-2 हासिल कर झारखंड प्रशासनिक सेवा (JAS) अधिकारी बनने का गौरव पाया है।
अभय का मानना है कि—
“सिविल सेवा परीक्षा कोई कठिन पहाड़ नहीं है। यदि सही दिशा, निरंतर अध्ययन और आत्मविश्वास हो तो सफलता निश्चित है।”
वे युवाओं को यही संदेश देते हैं कि हार मानना विकल्प नहीं है, बल्कि हर असफलता को अगले प्रयास की प्रेरणा मानकर आगे बढ़ना चाहिए।