vinay singh jharkhandaajtak.in
स्टाफ सिलेक्शन कमीशन जीडी कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में धांधली करने वाले लोगों की तलाश में रांची पुलिस की टीम बिहार गई हुई है. अभी पांच लोगों की पहचान हो गई है जो पटना हाजीपुर और जहानाबाद के रहने वाले हैं इसलिए यह पता चल पा रहा है कि किस प्रकार से चोरी की घटना को अंजाम दिया गया .9 मई को रांची के पिस्का मोड़ स्थित फ्यूचरिस्टिक ऑनलाइन परीक्षा केंद्र में परीक्षा के दौरान 6 अभ्यर्थियों को पकड़ा गया था. इसमें पता चला था कि उनके कंप्यूटर सिस्टम का रिमोट एक्सेस लेकर दूर बैठे solvers पत्र हल कर रहे थे. सेंटर का अधीक्षक राकेश कुमार इस समय में फरार है.फ्यूचरिस्टिक ऑनलाइन परीक्षा केंद्र की दस्तावेज में इसका मालिक सौरभ आनंद है ,जो पटना का रहने वाला है यह भी पता चला है कि वह इस समय सरकारी नौकरी में है. पुलिस को शुरुआत समय में यह जानकारी मिली है की परीक्षा केंद्र में पटना और हाजीपुर के तीन अन्य परीक्षा माफिया का पैसा भी लगा हुआ है.पुलिस सौरभ और राकेश के अलावा अमित, आईटी मैनेजर अजीत और इलेक्ट्रीशियन सोनू को तलाश कर रही है. जांच पर सामने आया है की परीक्षा में चोरी की साजिश हरियाणा के दीपक शर्मा ने की थी. उसने सबसे पहले रमेश से संपर्क किया. रमेश ने दीपक की मुलाकात सौरभ और राकेश से कराई .इसके बाद पूरे फर्जीवाड़ी की साजिश तैयार की गई. मामले में नालंदा के कुछ माफिया के नाम भी सामने आए हैं. इसका भी सत्यापन किया जा रहा है.जांच में पता चला है कि solvers ने सेटिंग वाले व्यक्तियों के कंप्यूटर का रिमोट एक्सेस ले लिया था. पुलिस का मानना है कि राकेश की गिरफ्तारी के बाद ही पूरा खुलासा हो जाएगा की solvers किस शहर में बैठकर पेपर सॉल्व कर रहा था. अब तक इस मामले में अभ्यर्थी ऋषिकेश कुमार यादव,आर्यन कुमार राहुल कुमार ,रवि रंजन कुजूर ,राजकुमार और अनु कुमारी को जेल भेजा जा चुका है .सभी बिहार के रहने वाले हैं