मुगल स्वयं किसके वंशज थे ?मुगलों का वंशज अब किस हालत में है? मुगल के वंशज कहां-कहां पर है?

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Nitusingh jharkhand aajtak in

मुगल खुद किसके वंशज थे ? वर्तमान में भारत में मुगलों के वंशज कौन है? चंगेज खान और तैमूर के वंशज के रूप में मुगल को जाना जाता है क्योंकि मुगल के संस्थापक बाबर है और बाबर अपने मां और पिता दोनों के खानदान की ओर से चंगेज खान एवं तैमूर के वर्णक्रम में आते हैं .मुगल के वंशजों के बारे में यह भी पता चलता है कि उनमें से एक प्रिंस याकूब हबीबुद्दीन तूसी है .प्रिंस याकूब तुसी अकबर के वंशज है जो हैदराबाद में रहते हैं .इनका निकाह प्रिंसेस हमरा फातिमा से हुआ .मुगल वंश के वंशज में एक सुल्ताना बेगम है जो कोलकाता में रहती है. वर्तमान में सरकार की तरफ से सुल्ताना बेगम को पेंशन दिया जाता है. प्रिंस याकूब हबीबुद्दीन तूसी बहादुर शाह जफर के छठी पीढ़ी के वंशज है .सरकार ने इनको सर्टिफिकेट भी दिया है और पेंशन भी दिया है. उन्होंने खुद कहा है कि लाल किला बाबरी मस्जिद और आगरा पर उनका मालिकाना हक है. वहीं कोलकाता में रहने वाली सुल्तान बेगम बहादुर शाह जफर के परपोते की पत्नी है. उनके पति का नाम प्रिंस मिर्जा मोहम्मद बदर वक्त बहादुर था हालांकि मुगल वंश का आखिरी शासक बहादुर शाह जफर था .सिपाही विद्रोह के बाद अंग्रेजों ने उन्हें पकड़कर दिल्ली के सिंहासन से उतार कर बर्मा में रख दिया था .मुगलों में बाबर, हुमायूं ,अकबर, जहांगीर ,शाहजहां ,औरंगजेब आलमगीर, बहादुर शाह, जहांदरसाह ,फारुकसियार, रफी उल दरजत ,शाहजहां द्वितीय, मोहम्मद शाह ,अहमद शाह, बहादुर साह, आलमगीर द्वितीय,शाहजहां तृतीय ,शाह आलम द्वितीय, अकबर शाह द्वितीय एवं बहादुर शाह द्वितीय था. जिसे बहादुर शाह जफर भी कहा जाता है .बीच में कुछ वर्षों के लिए शेरशाह सूरी एवं इस्लाम शाह सूरी का शासन हुआ था जो अफगानिस्तान के रहने वाले थे. कुछ इतिहासकारों ने यह भी लिखा है कि जब अंग्रेजों की सत्ता आ गई थी तो एक पीर बाबा जो दिखने में changez के खानदान के लगते थे वह भीख मांगते हुए दिखाई देते थे जिनके गले में एक झोला होता था जो लोग जानते थे कि वह कौन है उनके झोले में कुछ सिक्के डाल देते थे. जब किसी ने पूछा कि वह है कौन? तो लोगों ने बताया कि उनका नाम मिर्जा नासिर उल मुल्क है और वह बहादुर शाह के पोते हैं बहादुर शाह जफर की बेटी कुरेशिया बेगम का बेटा भी शाहजहानाबाद की गलियों में भीख मांग रहा था जिसे एक समय साहिबे आलम मिर्जा कमर सुल्तान बहादुर कहा जाता था .वह केवल रात में निकलता था क्योंकि दिन में लोग देखे थे उसे सलाम करते थे ,इस बात से शर्म आती थी कि मिर्जा सुल्तान भीख मांगते हुए कहते थे या अल्लाह मुझे इतना दे दो कि मैं अपने खाने के लिए सामान खरीद सकूं.


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