Nitu singh abtaknews.live
डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय रांची के आर्ट विभाग और हिंदुस्तान आर्ट एंड कल्चर सोसायटी के संयुक्त तत्वाधान में भारतीय संस्कृति को लेकर कार्यक्रम की शुरुआत हो गई है. यह कार्यक्रम संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के सहयोग से किया जा रहा है. इसका मूल उद्देश्य भारत की संस्कृति यात्रा को दिखाना है एवं भारतीय संस्कृति का इतिहास, भविष्य और गौरव को बताना है .
संगीत कार्यक्रम के पहले दिन संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित बांसुरी वादक पंडित रोनू मजूमदार ने अपने बांसुरी वादन से लोगों का दिल जीत लिया .लोगों ने उनके बांसुरी को सुनकर बहुत ही अच्छी प्रतिक्रिया दी और कहा कि बहुत दिनों के बाद इतना बेहतरीन बांसुरी सुने हैं. उसके बाद पंडित जेतीरथ मैंउनडी ने शास्त्रीय संगीत का हिंदुस्तानी गायन प्रस्तुत किया.
इसके पहले डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के सभागार में प्रसिद्ध कथक कलाकार सिविक चक्रवर्ती एवं तबला वादक पंडित मिथिलेश झंडेवी अपनी प्रस्तुति दी. कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलित करके हुआ .जिसमें विश्वविद्यालय के कुलपति डॉक्टर तपन कुमार शांडिल्य, कुलसचिव डॉक्टर नमिता सिंह ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम का आयोजन आगे भी किया जाएगा. जिसका उद्देश्य भारत की संस्कृति को बढ़ाना है. उन्होंने भारतीय संस्कृति यात्रा के कार्यक्रम की प्रशंसा की और कहा की भारत की विरासत और समृद्ध संस्कृति को बेहतर कैसे किया जाए. यह उद्देश्य के साथ इस कार्यक्रम को किया जा रहा है. कार्यक्रम 17 मार्च एवं 18 मार्च को आयोजित किया जा रहा है.जिसमें संतूर वादक पंडित तरुण भट्टाचार्यजी, सितार वादक शाकिर खान, ओडिसी कलाकार अमृता दास भी अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे .कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति डॉक्टर तपन कुमार शांडिल्य ,राजभवन सचिवालय के विशेष अधिकारी डॉ संजीव राय, कुलसचिव डॉक्टर नमिता सिंह,डॉक्टर निभा शर्मा, डॉक्टर तानिया शर्मा ,परफॉर्मिंग आर्ट की समन्वयक डॉक्टर गीतांजलि सिंह, डॉक्टर जेपी शर्मा, डॉक्टर अभय कृष्ण सिंह, डॉक्टर समासोनाली ,हिंदुस्तान आर्ट एंड कल्चर सोसायटी के सदस्य और शिक्षक और कर्मी मौजूद थे. यूनिवर्सिटी के प्रो प्रोफेसर राजेश कुमार सिंह जानकारी देते हुए बताया कि यह कार्यक्रम से भारतीय संस्कृति और मजबूत होगी.