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सिविल सेवा परीक्षा की 2021- 2022 की रिपोर्ट जारी की गई है, इसमें बताया गया है कि सिविल सेवा 2020 में सफल 44.3% छात्र चिकित्सा विज्ञान स्नातक थे, जबकि 42.6% उम्मीदवार स्नातक में विषय ह्यूमैनिटीज था. यदि विषय के अनुसार देखें तो law विषय के 13.8% लोग सफल हुए, इकोनॉमिक्स के 13.1% और वाणिज्य के 12.9% छात्र सफल हुए .सबसे अधिक छात्र 20.5% तीसरी कोशिश में सफल हुए. 8.4% को ही पहले प्रयास में सफलता मिली है. सामान्य श्रेणी की सफलता 7.3% सभी श्रेणियों के लिए सबसे कम है. मेंस परीक्षा में 26 साल तक की छात्राओं का प्रदर्शन है, boys से बेहतर रहा है. 21 से 24 साल की उम्र की 2019 वर्ष 2020 में 8,34000 // वर्ष 2022 में 7,40000 हो गई .इसी प्रकार से 2019 से लेकर 2022 एनडीए सीडीएस प्राधिकरण में रहने वाले 120000 upsc फॉर्म का सबसे अधिक वर्ष है. 2022 में फॉर्म के लिए 17,23000 स्टूडेंट ने फॉर्म भरा . लेकिन प्रारंभिक परीक्षा में 743000 लोग ही बैठे .1231000 लोगों ने फॉर्म भराcds,nda लेकिन पीटी देने के लिए 673000 लोग ही पहुंचे. वर्ष 2016 में 1209 पद ,वर्ष 2017 में 1056 पद ,वर्ष 2018 में 812 पद ,वर्ष 2019 में 922, वर्ष 2020 में 833 पद निकाले गए.
वर्ष 2016 में इंटरव्यू देने वाले 2956 स्टूडेंट, वर्ष 2017 में इंटरव्यू देने वाले 2564 स्टूडेंट, वर्ष 2018 में इंटरव्यू देने वाले 1992 स्टूडेंट ,वर्ष 2019 में इंटरव्यू देने वाले 2302 स्टूडेंट और वर्ष 2020 में इंटरव्यू देने वाले दो हजार 49 स्टूडेंट्स शामिल हुए