डॉ रंजीत प्रसाद से मिला कोल्हान टेक्निकल एवं प्रोफेशनल का एक प्रतिनिधि मंडल

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प्रतिनिधिमंडल ने यह भी बताया कि पिछले सिंडिकेट बैठक में निर्णय लिया गया था कि पूर्व की भांति छह माह का वेतन एकमुश्त जारी किया जाए ताकि वेतन भुगतान समय पर हो सके। किंतु विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा इस दिशा में अब तक कोई पहल नहीं की गई। आज भी प्रत्येक माह वेतन के लिए डिमांड विश्वविद्यालय को भेजा जाता है और फिर वहां से निर्देश आने पर भुगतान होता है। इस प्रक्रिया में अनावश्यक देरी होती है, जबकि राजभवन की ओर से स्पष्ट एवं कठोर निर्देश है कि किसी भी स्थिति में वेतन भुगतान प्रत्येक माह की 5 तारीख तक सुनिश्चित किया जाना चाहिए। दुर्भाग्यवश कोल्हान विश्वविद्यालय में इस निर्देश का पालन नहीं हो पा रहा है।

कोल्हान टेक्निकल एंड प्रोफेशनल शिक्षक संघ का एक प्रतिनिधिमंडल कोल्हान विश्वविद्यालय के माननीय सिंडिकेट सदस्य डॉ. रंजीत प्रसाद से मुलाकात कर व्यवसायिक/वोकेशनल पाठ्यक्रमों से जुड़े शिक्षकों की विभिन्न लम्बित समस्याओं से अवगत कराया। मुलाकात की शुरुआत में संघ के सदस्यों द्वारा माननीय सदस्य को शाल भेंट कर सम्मानित किया गया। इसके पश्चात प्रतिनिधिमंडल ने विस्तारपूर्वक शिक्षकों की प्रमुख समस्याओं पर चर्चा की, जिनमें संविदा नवीनीकरण से संबंधित जांच रिपोर्ट का अब तक लंबित रहना, वेतन बढ़ोतरी की प्रक्रिया का न शुरू होना, शिक्षकों की भारी कमी और मूलभूत सुविधाओं का अभाव जैसे मुद्दे शामिल रहे। यह भी उल्लेख किया गया कि पूरे राज्य में सबसे न्यूनतम वेतन कोल्हान विश्वविद्यालय के व्यवसायिक पाठ्यक्रम के शिक्षकों का है, जो अत्यंत चिंताजनक है।

प्रतिनिधियों ने तुलनात्मक रूप से यह भी बताया कि विनोबा भावे विश्वविद्यालय में नए कुलपति के joining के तुरंत बाद व्यवसायिक पाठ्यक्रमों के शिक्षकों के वेतन में 30% की बढ़ोतरी की गई, जो पहले से ही ₹57,000 था। इसके विपरीत कोल्हान विश्वविद्यालय में न तो वेतन वृद्धि हुई है और न ही पूर्व में दिए गए आश्वासनों का कोई ठोस परिणाम दिखा है। उल्लेखनीय है कि पूर्व में सिंडिकेट एवं सीनेट सदस्य श्री सोनू ठाकुर के प्रयास से नौ माह का लंबित वेतन भुगतान हुआ था, परंतु वर्तमान में भी कई समस्याएँ ज्यों की त्यों बनी हुई हैं। राज्य के लगभग सभी विश्वविद्यालयों में वेतन संरचना सम्मानजनक है, लेकिन कोल्हान विश्वविद्यालय लगातार सबसे पीछे बना हुआ है।

उपरोक्त सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए संघ ने अनुरोध किया कि इन मुद्दों को आगामी सिंडिकेट बैठक में अत्यधिक गंभीरता से रखा जाए तथा उनके शीघ्र समाधान हेतु विश्वविद्यालय ठोस कदम उठाए। प्रतिनिधिमंडल ने माननीय सदस्य को एक विस्तृत ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें सभी समस्याओं और सुझावों का उल्लेख किया गया है। इस प्रतिनिधिमंडल में संघ के अध्यक्ष प्रो. अमर नाथ सिंह, सचिव प्रो. सोमनाथ पड़ेया, मीडिया प्रभारी संदीप कुमार, उपाध्यक्ष प्रो. स्वरूप मिश्रा, संयुक्त सचिव डॉ. सांयतनी बनर्जी, प्रो. कशिश कुमार, मुकेश कुमार, ईश्वर राव एवं शारदा कुमारी उपस्थित थे।


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