Nitusingh jharkhand aajtak in
अमेरिका ने कहा है कि जो देश जितना टैरिफ लगाएगा दूसरा देश उतना ही बदले में टैरिफ लगाएगा. वर्तमान में भारत का टेरिफ रेट बहुत ज्यादा था जिसे घटाकर अधिकतम 70% किया गया है. औसत रूप से अगर देखा जाए तो भारत सब कुछ मिलाकर 14% टेरिफ रेट लगता है.जबकि अमेरिका का सिर्फ दो परसेंट की tarif रेट है .वहीं चीन का tarif 21% है. रिसिप्रोकल terif आने से भारत को नुकसान होगा और भारत का सामान महंगा हो जाएगा .भारत अभी तक terif इतना महंगा इसलिए रखा है ताकि भारत की कंपनी को इसका लाभ मिले और भारत के कंपनी का समान ही बिकेगा. अगर विदेश का सामान सस्ते में आएगा तो ऐसे में विदेशी कंपनी का सामान बिकेगा और भारत की कंपनी इस कंडीशन में कुछ भी नहीं कर पाएगी.अमेरिका की टेस्ला गाड़ी इसी कारण से भारत में लॉन्च नहीं हो पाई है .चुकी टैरिफ ज्यादा है अगर एलोन मस्क से मोदी जी की बातचीत सफल होती है तो भारत में भी टेस्ला गाड़ी बनना शुरू हो जाएगी और काफी रियायत दर पर यहां उपलब्ध होगी.