टुसू पर्व को लेकर शहर एवं गांव में तैयारियां शुरू हो गई है। टुसू पर्व 14 जनवरी को मनाया जाता है यह झारखंड़ में रहने वाले आदिवासी मूलवासी समाज का मुख्य पर्व है इसको लेकर आस-पास के गांव में तैयारी शुरू हो गई है एवं हर जगह टुसू के संगीत बजने लगे हैं बता दे कि इस पर्व का इंतजार आदिवासी समाज के युवाओं को भी रहता है इसके प्रति उनका खासा उत्साह देखने को मिलता है ।

जिसमें इन लोगों का मुख्य व्यंजन गुड़ पीठा , छांटा पीठा आदि बनाया जाता हैं। जो लोग गांव से शहर में जाकर रहते हैं। वे लोग भी 10 जनवरी के बाद गांव देहातों में जाकर इस पर्व को बड़े धूमधाम से मनाते हैं इसका असर शहरों के होटलों एवं कंपनी में कार्य कर रहे मजदूर की कमी से पता चलती है इसका असर 15 से 20 दिनों तक देखने को मिलता है ।

बता दें कि इस पर में बहुत सारे जगहों पर मेला का आयोजन किया जाता है जैसे भुइयांडीह, दोमुहानी, बिरसानगर, घोड़ाबांधा आदि जगहों पर टुसू मेले का आयोजन किया जाता है।